हाइकु छंद…३००

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*हाइकु…३०० बाबू लाल शर्मा*
👀👀👀👀👀👀👀👀👀
~~~~~~~~~~~बाबूलालशर्मा *विज्ञ*
🌼 *हाइकु छंद* 🌼
. °°°°°°°°°
*मूलत: जापानी विधा हाइकु*
की रचना में…….
१. दो वाक्य, दो स्पष्ट बिम्ब हो।
२.एक बिम्ब प्राकृतिक होना अनिवार्य है।
३. दो वाक्य, ५ में विषय और
१२ में बिम्ब वर्णन हो सकता है।
३. दो वाक्य, विरोधाभासी भी हो सकते हैं।
४. स्पष्ट तुलनात्मक न हो।
५. कल्पना व मानवीयकरण न हो
६. वर्तमान काल पर हो।
७. एक पल की अनुकृति,फोटोक्लिक हो।
८. कटमार्क (दो वाक्यों का विभाजन) चिन्ह हो।
९. दो वाक्य ऐसे रचे जाएँ जो एक दूसरे के
पूरक न होकर कारण और फल न बने।
१०. रचना में बिम्ब व शब्दों का दोहराव न हो।
११. ५ वाले हिस्से में क्रिया/विशेषण न हो।
१२. १२ वाले हिस्से में एक वाक्य हो।
१३. पंक्तियाँ स्वतंत्र न हो!
👀👀👀👀👀👀👀👀👀
~~~~~~~~~~~~बाबूलालशर्मा
🦚 *हाइकु…तीन शतक* 🦚
. *प्रथम शतक*
. °°°°°°°°
१.
नीम का पेड़~
काग के घोंसलें में
पिक के चूजे
२.
फाल्गुन संध्या~
बूँटे लिए बच्चे के
पीछे कृषक
३.
नदी का घाट~
भीड़ में वृद्ध ताके
वस्त्र पोटली
४.
जल की प्याऊ~
पोटली लिए पेड़
तले बुढ़िया
५.
विवाहोत्सव~
चौपाल में वृद्ध के
सिर पे बागा
६.
नीम की छाँव~
बुढ़िया के हाथ में
रोटी चटनी

शहरी पथ ~
नग्न बाल निहारे
वस्त्रों में श्वान
८.
चाँदनी रात~
बाराती आतिश से
छान में आग
९.
छान का घर~
बया के अण्डे खाए
गिलहरियाँ
१०.
अभयारण्य~
छटपटाए मृग
बाघ सम्मुख
११.
बसंत मेघ~
ढोल के संग बजा
टीन छप्पर
१२.
गृह वाटिका~
पेड़ के राखी बाँधी
नन्ही बालिका
१३.
कार्तिक भोर~
धेनु,वत्स को दाना
खिलाए बाला
१४.
गोप अष्टमी~
सड़क पे गाय के
साथ बछड़ा
१५.
रक्षाबंधन~
कुश लिए नदी में
जल अंजुलि
१६
खजूर पेड़~
झाड़ू से तिनके को
खींचे चिड़िया
१७.
फाग पूनम~
झुलसे बाला हाथ
जौ बाली संग
१८.
गोधूलि वेला~
धागे में फँसा शुक
निहारे नभ
१९.
फाल्गुनी संध्या~
चने लिए बच्चे के
पीछे किसान
२०.
कच्ची सड़क~
ठंठा नीर पिलाए
पथी को वृद्धा
२१.
खेल मैदान~
टिटहरी के अण्डे
बाला के हाथ
२२.
गेहूँ का खेत~
कपोतों को चुग्गा दे
नन्ही बालिका
२३.
सोनार गढ़~
रेतीले धोरों पर
आँक के पौधे
२४.
पहाड़ी बस्ती~
पेड़ से गिरा ग्वाला
भेड़ों के मध्य
२५.
नदी किनारे~
घरौंदे में सीपियाँ
लिए बालक
२६.
अमलताश~
मधुमक्खी दंश से
तड़पे कपि
२७.
खेत सिंचाई~
सूखी झाड़ियों संग
दियासलाई
२८.
ग्रीष्म की साँझ~
आग लगे घर की
फोटो ली बाला
२९.
प्रथम वर्षा~
किसान के पैर पे
खून के छींटे
३०.
भादौ की वर्षा~
केले का पत्ता ओढा
नन्हा बालक
३१.
चौके में माता~
मसाला गंध संग
बाला की छींक
३२.
नीम में नीड़~
टहनी पर चढ़ी
गिलहरियाँ
३३.
वन विहार~
अग्निकाण्ड की फोटो
ले युवतियाँ
३४.
बुद्ध पूर्णिमा~
वर वधु फेरों में
स्वेद से भीगे
३५
कमल ताल~
आलिंगित भ्रमर
पकड़े युवा
३७.
सावन तीज~
झूले पे किशोरी की
उड़ी चुनरी
३८.
बसंत भोर~
बजा ढोल के संग
टीन छप्पर
३९.
बैसाख संध्या~
अन्न ढेरी के संग
भीगा कृषक
४०.
प्रथम वर्षा~
मेड़ करे वृद्ध के
संग बालिका
४१.
बुद्ध पूर्णिमा~
विवाह मंडप में
पुलिस दल
४२.
ज्येष्ठ दशमी~
फेरों में दुल्हन के
तन पे स्वेद
४३.
वर्षा का जल~
बालिका के पैरों में
चुभे कंटक
४४.
आम्र मंजरी~
फल लिए शुक पे
बाज का पंजा
४५.
फाल्गुन मेघ~
ढोल के संग बजे
पीपल पात
४६.
हवामहल~
टूटी जाली से कूदा
कपि युगल
४७.
गृह वाटिका~
पेड़ के राखी बाँधी
नन्ही बालिका
४८.
गोप अष्टमी~
ग्वाल का घर ताके
गाय बछड़ा
४९.
गोप अष्टमी~
बछड़े के मुख में
प्लास्टिक थैली
५०.
आम बागान~
वर्षा में वानर नोंचे
बया का नीड़
५१.
ताजमहल~
वृद्धा बेचे तस्वीर
अशोक तले
५२.
बच्छ द्वादशी ~
कार की टक्कर से
तड़पे गाय
५३.
सावन तीज~
झूले पे किशोरी की
गोद मे शिशु
५४.
प्रेम दिवस~
छात्र-छात्रा के शव
रेल पथ पे
५५
*बँधा युवक*
*ग्राम्य चौपाल पर~*
*नँगाड़ा गूँज*
५६.
बैसाख साँझ~
कैरी जीरा चटनी
मिस्सी रोटी पे
५७.
नीम की डाल~
बल खाए कोबरा
चील पंजे में
५८.
तिमनगढ़~
सैलानी के हाथ में
चमगादड़
५९.
फाग पूर्णिमा~
मेंहदी रचे हाथों
में बलूकड़ी
६०.
चैत्र की भोर~
हरियल मुख में
पीपल फल
६१.
होली दहन~
रक्त सने हाथ में
जौं की बालियाँ
६२.
बंजर भूमि~
श्वान को चोंच मारे
टिटहरियाँ
६३.
विद्युत पोल~
मृत कपि को घेरे
बाल समूह
६४.
भोर का तारा~
घुटने मध्य बाल्टी
में दुग्ध धार
६५.
कमल ताल~
आलिंगित भ्रमर
पत्तियों पर
६६.
गोचर भूमि~
टिटहरी के अण्डे
ग्वाल हस्त में
६७.
रामनवमी~
वृद्ध भीगा गेहूँ के
खलिहान में
६८.
फाग के मेघ~
पंछी शव खेत में
बर्फ की पर्त
६९.
फाग फुहार~
पसरी फसल में
लोमड़ी शव
७०.
भादौ का ताप~
चूहा दाबे सर्प को
मोर निँगले
७१.
तालछापर~
घर में रोटी खाए,
काला हरिण
७२.
चमगादड़~
माँ की आँखो से नीर
पौंछे बिटिया
७३.
माघ पूर्णिमा~
वेणेश्वर मेले में
अस्थि थैलियाँ
७४.
बेटी दिवस~
झाड़ियों में शिशु के
मुख अंगूठा
७५.
माँ की ममता~
नीम पे मर्कटी की
गोद में पिल्ला
७६.
पद्मला ताल~
बाघिन के मुख में
झूला मकर
७७.
जोगी महल~
जड़ी बूटियों संग
बाघ का नख
७८.
गोरस धार~
हाथ में थन बाल्टी
घुटनों मध्य
७९.
चूरमा बाटी~
कण्डे की आग पर
आटे की पिण्डी
८०.
चाँदनी रात~
पीठ पे बकरी को
लदे जरख
८१.
चैत्र मध्यान्ह~
नीम डाल पे तोते
चोंच लड़ाए
८२.
देवशयनी~
विवाह मंडप में
थाली में भेक
(भेक=मेढ़क)
८३.
अक्षय तीज~
विवाह मंडप में
हथकड़ियाँ
८४.
सावन वर्षा~
बया नीड़ का टोपा
पहने शिशु
८५.
मिट्टी का चूल्हा~
माँ के हाथ रोटी पे
आलू चटनी
८६.
पुष्कर मेला~
बाजरे की रोटी में
सींगर कढ़ी
८७.
दादुर ध्वनि~
छप्पर पर वृद्ध
के हाथ रस्सी
८८.
अमा की रात~
बया के घोंसले में
मिट्टी चमकी
८९.
भादौ के मेघ~
चींटियों के अण्डों को
चुगे तीतर
९०.
बैसाख भोर~
पत्तों पर अंजीर
रखे बालक
९१
ज्येष्ठ की ताप~
मतीरे की क्यारी में
सत्तू शक्कर
९२.
चंद्र ग्रहण~
काँसे की थाली पर
गेरुआ छींटे
९३.
आसोज साँझ~
टिड्डे लपके स्वान
राजपथ पे
९४.
फाग में ओले ~
बिखरे पंख संग
पथ पे रूई
९५.
शीत लहर~
वृद्धा हाथ मे हरे
चने माचिस
९६.
प्रेम दिवस~
वृद्धाश्रम के द्वार
बैठे माँ बाप
९७.
रास पूर्णिमा~
खीर का दोना थामें
खाँसे बुजुर्ग
९८.
कार्तिक साँझ-
चौक लीपे बाला के
पीठ पे शिशु
९९.
कसैलापन-
माँ हस्त शीशी देख
शिशु की चीख
१००.
ठूँठ झंखाड़-
चिड़िया के नीड़ में
अण्डे छिलके
. °°°°°°°
✍©
बाबू लाल शर्मा बौहरा *विज्ञ*
वरिष्ठ अध्यापक
सिकंदरा,३०३३२६
दौसा, राजस्थान,९७८२९२४४७९
👀👀👀👀👀👀👀👀👀
~~~~~~~~~~~~बाबूलालशर्मा
🦚 *हाइकु……१००* 🦚
. *द्वितीय शतक*

१.
खेत में डेरा~
हाथ पे रोटी संग
दूध की डोली

तेल बिनौरी~
सिर पे छबड़ी में
रोल़ी बताशे

होली के रंग~
चौपाल पर ताश
खेलते युवा
४.
नीम का पेड़~
बंदर के हाथ में
चने का झाड़

सम्राट यंत्र~
धूप घड़ी देखता
विद्यार्थी दल

संग्रहालय~
कांँच बाँक्स में ‘ममी’
देखे बालक

गुलाब बाग~
पैंथर के बाड़े में
कूदा वानर

मोती मंगरी~
तोप पे सेल्फी लेती
सैलानी बाला

विजय स्तंभ~
शिलालेख की फोटो
लेता सैलानी
१०.
पुष्कर मेला~
बैलगाड़ी में बैठी
सैलानी छात्रा
११
आना सागर~
कीकर की छाँव में
मृग समूह
१२
सिंधु का तट~
प्लेट में कछुए के
अण्डे ले बाला
१३
रामनवमी~
खेत में पसीने से
भीगा किसान
१४
शीतलाष्टमी~
पीपल के पत्तों में
पूरी कचौरी
१५
चैत्र की अमा ~
दूल्हे की पोषाक को
पहनी बाला
१६
गौरी पूजन~
गौ के चारे से दूब
चुने बालिका
१७
चैत्र अष्टमी~
थाली में पुए संग
पानी का झारा
१८
रणथम्भौर~
शिला पर अश्व के
पैरों के चिह्न
१९
आम्रमंजरी~
बालक के हाथ में
नमक मिर्च
२०
लौकी रायता~
छप्पर पे बाँस की
जाली में वृद्धा
२१
रसमलाई~
गौशाला में चारे के
बोरे पे गुड़
२२
खीर जलेबी~
दशहरा पर्व पे
कन्या पूजन
२३
बैंगन भुर्ता~
दादी के हाथ मिस्सी
रोटी पे मिर्च
२४
पुस्तकालय~
ढाबे पे विद्यार्थी के
हाथ में चाय
२५
आलू टिकिया~
तवे पर पराँठा
सेंके बालिका
२६
ग्रीष्म भोर~
बालिका के हाथ में
दही कटोरी
२७
सावन वर्षा~
देश भक्ति गीत पे
डाँडिया नृत्य
२८
शीत लहर~
शाला में छात्रा करे
घूमर नृत्य
२९
बथुआ भाजी~
दही के कटोरे में
जीरा धनिया
३०
मेथी के लड्डू~
छाछ बिलोती माँ की
गोद मे शिशु
३१
मक्का का खेत~
छूँछे में पंख पिरो
उछाले बाला
३२
सूर्य ग्रहण~
जंतर मंतर में
शोधार्थी छात्र
३३
शुक्ल यामिनी~
बेटी लगाए माँ के
सिर मेंहदी
३४
आकाश गंगा~
माँ दिखाए ग्लोब से
धरा की स्थति
३५
हाइकु…
ग्राम्य सड़क~
गाँठ लिए वृद्धा की
गोद में शिशु
३६
चिकित्सालय~
कक्ष में कंकाल पे
मकड़ी जाला
३७
श्मशान घाट~
वर्षा में वृद्ध रोपे
आम्र का पौधा
३८
करवा चौथ~
चक्र पे मिट्टी संग
हाथ में धागा
३९
संध्या लालिमा~
बाग में किशोर के
हस्त बोतल
४०
अनाज मंडी ~
बैल छकड़ा संग
सेल्फी ले बाला
४१
चैत्र की भोर~
लोटे में दूर्वा फूल
कन्या के हाथ
४२
जन्म दिवस~
शीश पटल पर
चले अंगूठा
४३
चैत्र की भोर~
काग को उड़ा रही
नवयौवना
४४
चैत्र की दूज~
बालिका के हाथ में
रोली चावल
४५
आँख में आँसू~
शहीद प्रतिमा के
हाथ मे राखी
४६
होलिका साँझ~
शहीद के चित्र पे
फूलों का हार
४७
अल्फ्रैड पार्क~
तरुणी की थाली में
चंदन राखी
४८
महासागर~
नक्शे में श्री लंका पे
टिकाया स्केल
४९
छाछ राबड़ी~
माँ कूटे ऊखल में
मूसली से जौं
५०
नीम की छाल-
शिशु के फुंसी पर
लगा मल्हम
५१
आँक का दूध ~
युवती के पैर से
निकला काँटा
५२
धतूरा बीज~
ग्राम्य बाला हाथ पे
बँधाई पत्ते
५३
मतीरा क्यारी~
मेड पे वृद्धा छीले
बीज से गिरी
५४
कार्तिक संध्या~
खेत में चूहे पर
बाज झपटा
५५
आश्विन भोर~
नीलकण्ठ के मुख
सफेद लट
५६
खेत में डेरा~
गले की डोलची में
ऊँटनी दुग्ध
५७
आश्विन भोर~
खेत में बाला हस्त
मयूर पिच्छी
५८
दीपयामिनी~
बालिका के सिर पे
रूई के फाहे
५९
अमरबेल~
शरणार्थी कैम्प में
आटे का बोरा
६०
चैत्र की भोर~
शंखपुष्पी पंचांग
सिल बट्टे पे
६१
चैत्र यामिनी~
मधु की बाल्टी संग
हाथ में धुआँ
६२
जैवन्ती लता~
पत्ते पर सुपारी
सौंफ सुगंध
६३
भोर का तारा~
गृहिणी को देख के
रंभाई गाय
६४
मूँगफल्लियाँ-
भट्टी पे कड़ाही में
लोहे की झारी
६५
बास्ता की गंध-
फटे हाल वृद्ध के
हाथ में रोटी
६६
कुहासा भोर-
खेत में नीलगाय
पे भौंका श्वान
६७.
रंग पंचमी-
बालिका के हाथ में
जूठे बर्तन
६८.
पहाड़ी गाँव~
किसानों के हाथ में
लाठी पत्थर
६९.
ज्येष्ठ की भोर~
बोनसाई से तोड़ा
बाला ने आम
७०.
शीशम छाँव~
वृद्ध के कंधे शिशु
हस्त दातुन
७१.
गोंद के लड्डू~
चौके में माँ के हाथ
इमाम दस्ता
७२.
कुंभलगढ़~
मास्क पहने खड़ा
रिक्शा चालक
७३.
विद्युत तार~
काग शिशु चोंच में
झूले केंचुआ
७४.
अक्षय तीज~
घूमर नृत्य संग
चाक पूजन
७५.
देवउठनी~
दीपक पर थाली
पकड़े माता
७६.
गंगा दशमी~
माँ बेटी के हाथ में
थाल गिलास
७७.
गेंहूँ का खेत~
बालिका के हाथ में
रस्सी पटली
७८.
नकाब पोश~
कोरोनो की जाँच में
पुलिस दल
७९.
नँगाड़ा ध्वनि~
फाग मे वर्षा संग
आँख में जल
८०
फागुनी भोर~
भीगा मोर किसान
की झोंपड़ी में
८१
फाग के रंग~
बालिका की थाली में
रोटी पे ओले
८२
छान का घर~
ओलों से वृद्धा बचे
थाली के नीचे
८३.
गाड़ी में घर~
चूल्हे से वर्षा जल
उलीचे वृद्धा
८४.
साँभर झील~
पानी की टंकी ताके
भेड़ बकरी
८५.
चाँदनी रात~
बबूल पे मोर को
ताके तेंदुआ
८६.
जीवन बीमा~
बाँस की झोंपड़ी में
वृद्धा की हँसी
८७
मुख पे मास्क~
गहना विक्रेता के
आँखों में नीर
८८.
नारी दिवस~
चूल्हा फूँके बाला के
आँखों में डोरे
८९
नारी दिवस~
सरकारी बस में
चढ़ी युवती
९०
नारी दिवस~
पुल का उद्घाटन
करे बालिका
९१.
नारी दिवस~
दूध दुहे वृद्धा के
पीठ पे शिशु
९२.
नारी दिवस~
गार्गी पुरस्कार ले
मंच पे बेटी
९३.
अर्द्धयामिनी~
काली मटकी पर
चौमुखा दीप
९४.
बाल दिवस~
दीये की तराजू से
खेले बालिका
९५.
करील गंध~
रसोईघर में माँ
कड़ाही थामें
९६.
ईख का रस~
नींबू तोड़े बाला के
हाथ पे रक्त
९७.
धूप दशमी~
घी के मर्तबान से
खेले बालिका
९८.
चैत्र की भोर~
कन्या के सिर पर
झारे में दूर्वा
९९.
फाग पूर्णिमा~
बालिका की थाली में
खील बतासे
१००
होली का डाँडा~
सरसों के खेत में
गिरा बिझूका
. °°°°°°
✍©
बाबू लाल शर्मा बौहरा *विज्ञ*
वरिष्ठ अध्यापक
सिकंदरा,३०३३२६
दौसा, राजस्थान,९७८२९२४४७९
🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚
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~~~~~~~~~~~~~बाबूलालशर्मा
. *हाइकु …१००*
. °°°°°°°

बुलकड़ियाँ~
गौशाला के द्वार पे
पहरेदार

चैत्र प्रभात~
विधवा के हाथ में
दूर्वा टोकरी

फाग पूर्णिमा~
डंडे पर जौ बाली
बाँधे बालक

होली दहन~
चूल्हे पे सेंकी माँ ने
गेहूँ बालियाँ

मदिरालय~
कुतिया को पकोड़े
खिलाए वृद्ध

औषधालय~
चारपाई पे वृद्ध
तोड़े निम्बोली

कैर साँगरी~
बाजरी की रोटी पे
गुड़ मक्खन

चंग का स्वर~
मातृ गोद शिशु के
आँख में आंसू

निम्बू का रस~
बालिका के हाथ में
मेंहदी तीली
१०
भंग की गोली~
सिल बट्टे पे पिस्ता
बादाम गिरी
११
अजवायन~
अरबी के पत्ते पे
बेसन लेप
१२
प्याज की क्यारी~
किसान की थाली में
छाछ राबड़ी
१३
बेसन गट्टा~
आग पर सेंकते
आटे की पिंडी
१४
दाल पकौड़ी~
सिल बट्टे पे मिर्च
पीसे बालिका
१५
महा नवमी~
सब्जी से तेज पत्ता
निकाले बाला
१६
पगड़ी रस्म~
खीर जलेबी संग
रायता पूरी
१७
लग्न पत्रिका~
लाल कपड़े पर
गुड़ चावल
१८
स्वाति नक्षत्र~
माँझी की टोकरी में
शंख सीपियाँ
१९
धन तेरस~
युवती के हाथ में
मंगल सूत्र
२०
मखाना बीज~
कमल पुष्पों मध्य
तैरता युवा
२१
चैत मध्यान्ह~
थाली में गुलाब के
फूलों पे चीनी
२२
कमल डंडी~
युवक की बाहों में
तरुण शव
२३
सरिस्का वन~
मृग छौना को ताके
लकड़बग्घा
२४
पहाड़ी मार्ग~
अनियंत्रित कार
पेड़ से भिड़ी
२५
बासोड़ा भोर~
सिर पे थाली लिए
पथ में वृद्धा
२६
शहद छत्ता~
कैर की झाड़ियों में
भल्लुक मुख
२७
हाथी के दाँत~
चूड़ी पर नगीना
जड़े जौहरी
२८
विधान सभा~
चौपाल पे बुजर्ग
खेले चंगा पो
२९
सचिवालय~
बाल मेले में चाय
पकौड़ा हाट
३०
हैलीकाँप्टर~
खेत में चूहे पर
झपटा बाज
३१
पावस भोर~
चौके में झाड़ू से माँ
उछाले टोड

टोड~ मेंढक की एक प्रजाति
३२
पनडुब्बियाँ~
सिंघाड़े की लता में
जलमुर्गियाँ
३३
सागर तट~
रेत की ट्राली पर
मच्छ टोकरी
३४
चाँधन ताल~
खेजड़ी पर बैठे
प्रवासी पंछी
३५
पावस साँझ~
नीम के पत्तियों से
निकले धुँआ
३६
शीत यामिनी~
किसान के हाथ मे
टार्च फावड़ा
३७
ग्रीष्म मध्यान्ह~
वृद्धा ओरे खेत में
मूँगफलियाँ
३८
रसोई गैस~
चिल्ली से सूखे कण्डे
ढँके माँ बेटी
३९
रसोईघर~
वृद्धा ढोये सिर पे
सरसों डाँड
४०
तोरई लता~
पत्तों पे खीर पूरी
खाए वायस
४१
मातृ दिवस~
बेटी दे शहीद की
अर्थी को काँधा
४२
गौरी पूजन~
खेत में गेहूँ काटे
कृषक बाला
४३
ग्रीष्म मध्यान्ह~
विद्युत पंखे पर
कपोत जोड़ा
४४
आम का वृक्ष~
तने मे ठोंक मारे
कठफोड़वा
४५
गोंद की बर्फी
बबूल के पेड़ में
चढ़ी ग्वालिन
४६
च्यवनप्राश~
आँवले की गुठली
निकाले बाला
४७
गेंहू की बोरी~
चढाई पर रिक्शा
चालक हाँफे
४८
दाह संस्कार~
युवक के सिर पे
नाई के हाथ
४९
फसल बीमा~
खेत में पटवारी
गिने रुपये
५०
चम्बल तट~
बजरी भरी नौका
घेरे पुलिस
५१
पाणिग्रहण~
माँ के हाथ में हल्दी
आँखों में नीर
५२
यज्ञोपवीत~
पंचगव्य का दोना
वटुक हस्त
५३
मातृ दिवस~
फोटो लिए बेटी के
आँखों में नीर
५४
ज्येष्ठ अष्टमी~
वधु के उबटन
मले भाभियाँ
५५
चैत्र की भोर~
दँराती हाथ लिए
माँ बेटी पिता
५६
चैत्र मध्यान्ह~
बाल्टी लिए बहू के
सिर टिफिन
५७
चैत्र की साँझ~
सिर पे चारा रखी
माँ के पीछे गौ
५८
जूड़ा मूसल~
दुल्हन की राह में
ननद बुआ
५९
दादी का बक्सा~
साटन की आँगी में
चाँदी के सिक्के
६०
मवेशी मेला~
कालबेलिया नृत्य
करे बालिका
६१
भादौ चतुर्थी~
चाँद देखे युवा के
गाल पे चाँटा
६२
आषाढ़ पूनं~
दिन में सोया पूत
ताके किसान
६३
चैत्र नवमीं~
सिर पे पोटली ले
मेले में वधू
६४
सौरूँ का घाट~
सिर मुँडे युवा के
हाथ पे सिक्के
६५
जेष्ठ मध्यान्ह~
किसान के हाथ में
मूँज मोगरी
६६
सावन वर्षा~
वृद्ध खोले मूँज की
खाट दावणी
६७
सावन मेघ~
क्रीडांगण में मोर
मोरनी नृत्य
६८
भादौ के मेघ~
पीपल पर गूँजा
मयूर केकी
६९
चैत्र यामिनी~
खेत में पति पत्नी
काटे फसल
७०
बैसाख भोर~
पल्लू पकड़े बाँधे
तूड़े की पोट
७१
गेहूँ की ढेरी~
थ्रेसर पे वृद्ध के
हाथ में पूली
७२
शीतगोदाम~
बाबू की मेज पर
झुका कृषक
७३
गुलाब गुच्छ~
क्यारी में फव्वारे से
नहायी बाला
७४
पूस की रात~
सिंचाई में ओस से
भीगा युगल
७५
परिचालक~
ट्रेन में मूंगफली
बेचे युवक
७६
परिचारिका~
चिकित्सा बेंच पर
गिफ्ट पैकेट
७७
चिकित्सालय~
जच्चा के आँसू पौंछे
सहयोगिनी
७८
नीम के पत्ते~
चूल्हे पे माँ छौंके
कढ़ी मसाला
७९
गोखरू पाक~
वृद्ध के तलुए से
टपका खून
८०.
चैत्र विभात~
शतावरी की जड़
वृद्ध के हाथ
८१.
अमृता लता~
चौके में माँ के हाथ
काढ़ा कटोरी
८२.
गिलोय वटी~
बेटी के भाल पर
गीला कपड़ा
८३.
तुलसी पत्ता~
बालिका के हाथ में
ब्लेक टी कप
८४.
चैत्र वासर~
रोटी पे सहजन
फूलों की भाजी
८५.
गृह वाटिक~
सहजन की फली
तोड़े युवक
८६.
चैत्र प्रभात~
सर्पगंधा पुष्प पे
भ्रमर दल
८७.
त्रिफला चूर्ण~
आँवला का आचार
छौंके बालिका
८८.
ईसबगोल~
काँच के गिलास में
दही की लस्सी
८९.
खेल मैदान~
छात्राओं के हाथ में
पौधे खुरपी
९०.
झींगा मछली~
माँ ने ताल में डाली
आटे की गोली
९१.
बया दिवस~
शिक्षक के हाथ में
नीड़ का चित्र
९२.
आम्र मंजरी~
पीठ पे टंकी लदे
स्प्रे करे वृद्ध
९३.
*मातृ दिवस~*
*चिता पे चीरा धात्री*
*शव का पेट*
९४.
हवन वेदी~
दिव्यांग दुल्हन को
गोद ले फेरे
९५.
तोरण द्वार~
दूल्हे की छड़ी काष्ठ
चिड़िया पर
९६.
डेयरी बूथ~
किसान की बाल्टी में
छाछ की थैली
९७.
अशोकारिष्ट~
चूल्हे पर खौलते
पानी में छाल
९८.
धनुष बाण~
भील बाला के हाथ में
गोदना यंत्र
९९.
सुहाग सेज~
दुल्हन की गोद में
हंँसी बालिका
१००.
पितृ दिवस~
घोड़ी पे दूल्हे संग
नन्ही बालिका
°°°°°°°
✍©
बाबू लाल शर्मा बौहरा *विज्ञ*
वरिष्ठ अध्यापक
सिकंदरा,३०३३२६
दौसा, राजस्थान,९७८२९२४४७९
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