KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

हिसाब बराबर

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

हिसाब बराबर

एक दिन तुझे है जाना
काहे को है इतना गुमान,
महल-अटारी वाले धनवान
या झुग्गी के महा-इंसान !
तुला मे सबको तौल रहा
नीली छतरी वाले भगवान !
उनको भी है जाना——-
हृदयघात,मधुमेह,गुर्दा
या भारी अवसाद से !
इनको भी है जाना ——-
भुखमरी, गरीबी, कर्ज
या कोई संताप,फसाद से !
कितने ढ़ोगी,संत,नेता,बाबा
पहुँच गये हैं जेल मे ,
और कितने हैं भूमिगत
न जाने कितने बेल में !
सब हिसाब-किताब होगा
बराबर यहीं इहलोक मे ,
कुछ बाकी रह जायेगा तो
उसका भी होगा परलोक मे !
दुनिया को तुम समझो यारों
ये दुनिया है सब गोल-गोल,
रत्ती नही जायेगा संग मे
बोलो सबसे मीठे बोल !

          —– राजकुमार मसखरे