होलिका वर्षों जला ली जायेगी(Holika varsho jala li jaayegi)

होली
.           रुबाई
२१२  २२१  २२२  २२
.               १
होलिका वर्षों जला ली जाएगी।
साल दर ही साल होली आएगी।
द्वेष को साथी जलाएँ आओ तो,
चैन  से  धरती  रंगोली  पाएगी।
.                  २
फाग खेलेंगे  बजें  शहनाई भी।
नाचते  गाते  सजे  तरुणाई भी।
सैनिकों  सीमा  सुरक्षा  मेरी  हो,
दुष्ट  ये  सारे  तजे  परछाई  भी।
.                  ३
पाप  के भागी भगाएँ  आओ तो।
छंद  रच दोहा  बनाएँ  गाओ  तो।
पाप  की  होली  जलानी ही होगी,
द्वेष की ज्वाला बुझाएँ आओ तो।
.                   ४
होलिका के  गीत  यारों  गाएँगे।
भारती  की  शान  खोई  पाएंगे।
जोर कितना भी करे आतंकी ये,
सैनिकों  के सामने  क्या आएँगे।
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✍©
बाबू लाल शर्मा, बौहरा
सिकन्दरा , 303326
दौसा,राजस्थान,9782924479
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