महात्मा (बापू पर कविता)

ये राष्ट्र सदा ऋणी रहेगा,
बापू तेरे उपकार का।
तू लाल भारत भूमि का,
आदर्श बना संसार का।।

वृद्ध वयस और दुर्बल काया,
कोई ऐसी तो बात थी।
हुंकार भरा जब-जब तूने,
जनता तेरे साथ थी।
नाव बनाया जनसमूह का,
तू उसका पतवार था।
तू लाल भारत भूमि का,
आदर्श बना संसार का।।

सत्य को अस्त्र बनाया तूने,
अहिंसा तेरा शस्त्र बना।
ऐसी क्या घुटी पिला दी तूने,
तेरे पीछे सहस्त्र चला।
नींव हिला दी तूने बापू,
गोरी सरकार का।
तू लाल भारत भूमि का,
आदर्श बना संसार का।।

तेरी नीति तेरी शिक्षा,
अद्भुत थी अपरंपार थी।
तूने कर्ज अदा किया,
मातृभूमि के प्यार की।
जन जन का प्राण,
आत्मा महान,
हे राष्ट्र तुझे पुकारता।
तू लाल भारत भूमि का,
आदर्श बना संसार का।।

रचना -सरोज कुमार झा

    ।।"अहिंसा परमो धर्म:"।।  ‌‌‌‌‌                              
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सरोज कुमार झा

सरोज कुमार झा। जन्म तिथि-५ मार्च १९७३, पिता का नाम-स्वर्गीय बचन झा, माता-श्रीमती अकाबरी देवी, ग्राम- पररी, जिला-सहरसा, बिहार, सम्प्रति - लौह नगरी जमशेदपुर में टाटा समूह में कार्यरत। पता- ब्लाक नं-१८१/२/४,रोड नं-३ आदित्यपुर-२, जमशेदपुर-१३। हिन्दी और मैथिली में कविताओं की रचना। मुख्यरूप से हास्य एवं व्यंग्य कविताएं।