KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

अधिकार-बाबूलाल शर्मा “बौहरा”

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. *अधिकार*

. *कुण्डलिया*
. ??
भारत के संविधान में,दिए मूल अधिकार।
मानवता हक में रहे, लोकतंत्र सरकार।
लोकतंत्र सरकार, लोक से निर्मित होती।
भूलो मत कर्तव्य, कर्म ही सच्चे मोती।
कहे लाल कविराय, अकर्मी पाते गारत।
मिले खूब अधिकार,सुरक्षा अपने भारत।
. ??
दाता ने हमको दिया, जीवन का अधिकार।
बुरी आदतें छोड़ दें, अपने को मत मार।
अपने को मत मार,समझ सुकृत मानव के।
पर पीड़ा का पंथ, कहाते मग दानव के।
कहे लाल कविराय,करे सब भला विधाता।
निभे सतत कर्तव्य, कर्मफल देंगे दाता।
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✍✍©

बाबू लाल शर्मा “बौहरा”

सिकंदरा, दौसा,राजस्थान

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