KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

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आ गया गणतंत्र दिवस प्यारा

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जय जय भारत भूूमि तेरी जय जयकार

आ गया गणतंत्र दिवस प्यारा, जश्न देश मना रहा।
लहर लहर तिरंगा आज चहुंओर लहरा रहा।।
स्वतंत्र गणराज्य से , सर्वोच्च् शक्ति भारत आज बन रहा।
न्याय, स्वतंत्रता,समानता की कहानी विश्व पटल पर रख रहा।।


एकता और अखंंडता की मिशाल बना हिंदुस्तान।
बहु सांस्कृतिक भूमि,  संंप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य महान।।
भाईचारा, बंंधुत्व की भावना यहां सदा पनपी हैं।
भारत की सभ्यता संस्कृति तो सदा ही चमकी हैं।।


नारी शक्ति सफलता के झंंडे नित गाड़ रही।
सीमा पर दुश्मनों से सीधे टक्कर ले रही।।
शिक्षा, स्वास्थ्य का आज रहा नहीं  हैं अभाव।
हमें तो हैं इस भारत भूूमि से अटूट लगाव।।


समाज, धर्म के साथ सब भाषाएं यहां पनप रही हैं।
सांमजस्य पूूर्ण व्यवहार से मानवता यहां खिल रही है।।
लाल किले की प्रराचीरें गणतंत्र संंग स्वतंत्रता की याद दिलाती है।
गांव की गलियां भी दूूूधिया रोशनी में नहाती हैं।।


गरीबी, बेेेेरोजगारी, अशिक्षा शनैै: शनैः मिट रहे हैं।
भण्डार इस धरा के धान से नित भर रहे हैं।।
याद आती हमेें शहीदों की कुर्बानी खूब।
उग रही है आजादी की सांस में नयी दूब।।


रंगीन अंदाज में खुलकर हम भारतवासी जीते हैं।
आज  भी हम भावों से रीते हैं।।
सरहद पर जवान धरती मांं की  रक्षा में मुस्तैद हैं।
स्वतंत्र है, गणतंत्र हैैं, बेेेडियों में नहीं कैद हैं।


सामाजिक, सांस्कृतिक,   राजनैतिक, आर्थिक रूप से भारत मजबूत हैं।
भारत शांति, अहिंंसा का विश्व में असली दूत हैं।।
आओ हम सब गणतंत्र का सम्मान करेें।
स्वतंत्रता संग गणतंत्र पर अभिमान करें।।


विजयी भव का आशीर्वाद हमने पााया हैं।
खुद भी जागे हैंं,दूसरों को भी जगाया हैैं।।
पल्लवित, पुुष्पित भारत माता,  सत्यमेव जयतेे हमारा गहना।
हिंदी, हिन्दू, हिंदोस्तान, हम हैंं विश्वगुरू हमारा क्या हैं कहना।।


जय जय भारत भूमि तेरी जय जयकार।
जय जय भारत भूमि तेरी जय जयकार।।


धार्विक नमन, “शौर्य”, असम

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