KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

@ Telegram @ WhatsApp @ Facebook

@ Twitter @ Youtube

आओ मिलकर पेड़ लगाएं

0 155

आओ मिलकर पेड़ लगाएं

Poem on plantation || वृक्षारोपण पर कविता

सूनी धरा को फिर खिलाएं
धरती मां के आंचल को हम
रंगीन फूलों से सजाएं
आओ मिलकर पेड़ लगाएं।।

न रहे रिश्तों में कभी दूरियां
चाहे हो गम चाहे मजबूरियां
मिलकर घर सब सजाएं
आओ मिलकर पेड़ लगाएं।।

वन की सब रखवाली करें
सूखे लकड़ियो से काम चलाएं
कैसे न खुश होंगी फिजाएं
आओ मिलकर पेड़ लगाएं।।

अगर करोगे वन विनाश
बीमारियों का घर में होगा वास
भू में स्वच्छ वातावरण बनाएं
आओ मिलकर एक पेंड लगाएं।।

क्रान्ति, सीतापुर, सरगुजा छग

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.