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आसमान पे सूराख़-नरेन्द्र कुमार कुलमित्र (aasman pe surakh)

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आसमान पे सूराख़ 

 (22.11.19)

दुष्यंत कुमार जी
मेरी तबीयत ठीक है
हाँ बिलकुल ठीक
अब आसमान पर
कोई पत्थर नहीं उछालूँगा
सूराख़ ही सूराख़ है आसमान में
बिगड़ गई है तबीयत आसमान की 
पत्थर भी तो नहीं मेरे पास
सारे पत्थर
लोगों ने
अकल पे दे मारे हैं।
—- नरेन्द्र कुमार कुलमित्र
        9755852479
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