हिन्दी कविता: अब तो पाठ पढ़ाना है

अब तो पाठ पढ़ाना है

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फिर सीमा में आ जाए तो,
गलवान को याद दिलाना है।
दुस्साहस कर न सके वह,
ऐसी सबक सिखाना है।
ए वीर जवानों सुन लो,
सबको यह बताना है।
कब तक चीनी विष घोलेंगे,
अब तो पाठ पढ़ाना है।
प्राण जाय पर वचन न जाय,
ऐसी कसम जो खाना है।
थर थर काँप उठे रूह उनका,
ऐसी सजा दिलाना है।
कलाम की परमाणु याद दिला दो,
बासठ का अब नही जमाना है।
कब तक चीनी विष घोलेंगे,
अब तो पाठ पढ़ाना है।
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रचनाकार-डिजेन्द्र कुर्रे “कोहिनूर”
पीपरभावना,बलौदाबाजार(छ.ग.)
मो. 8120587822
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डिजेन्द्र कुर्रे कोहिनूर

नाम -- डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर" पिता -- श्री गणेश राम कुर्रे माता -- श्रीमती फुलेश्वरी कुर्रे शिक्षा -- बीएससी(बायो)एम .ए.हिंदी ,संस्कृत, समाजशास्त्र ,B.Ed ,कंप्यूटर पीजीडीसीए व्यवसाय -- शिक्षक जन्मतिथि -- 5 सितंबर 1984 प्रकाशित रचनाएं -- बापू कल आज और कल(साझा संग्रह),चाँद के पार साइंस वाणी पत्रिका, छ ग जनादेश अखबार, छ ग शब्द आदि कई पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित। सम्मान -- 1. राष्ट्रीय कवि चौपाल कोटा राजस्थान प्रथम द्वितीय तृतीय 2019। 2. श्रेष्ठ सृजन रचनाकार का सम्मान। 3. बिलासा साहित्य सम्मान । 4. कला कौशल साहित्य सम्मान। 5. विचार सृजन सम्मान 2019। 6. अंबेडकर शिक्षा क्रांति अवार्ड। 7. छत्तीसगढ़ गौरव अलंकरण अवार्ड 2019 8. मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण अवार्ड 2019 पता -- ग्राम पीपरभावना, पोस्ट- धनगांव,तहसील-बिलाईगढ़, जिला- बलौदाबाजार ,छत्तीसगढ़ पिन - 493559 मोबाइल नंबर - 8120587822