KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

अलविदा मेरे चाहने वाले…, ग़ज़ल, कमल यशवंत सिन्हा ‘तिलसमानी’

जब उसने ही छोड़ दिया मुझको मेरे हवाले
तुम्हीं बताओ फिर मुझको कौन संभाले???

अब फिर किसी पे ऐतबार न होगा
करीब आने के चाहे कोई सौ तरकीब निकाले।

जिसने खो दी अपने जीने की वजह
उसे ख़्वाब दिखाते है ख़्वाब तोड़कर जाने वाले।

भूख ,नींद, प्यास सब छीन कर वो कहते है
ख्याल रखना अपना, सुनो! ऐ ग़ज़ल लिखने वाले।

कर दी जब हमने अपनी सांसे,धड़कन उसके हवाले
गले लगकर उसने कहा ‘अलविदा मेरे चाहने वाले’

© कमल यशवंत सिन्हा ‘तिलसमानी’

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