अरुणोदय

अरुणोदय

प्रतिदिन
अरुणोदय
हममें जगाती है
स्फूर्ति
भोर का समय
सुबह की लालिमा
सूर्य की किरणें
पृथ्वी पर आती है
सुखद एहसास
होता है वह
ठंड के मौसम में
इंतजार होता है
सभी को
अरुणोदय का
पक्षी सारे चहचहाकर
अभिनंदन करते हैं
वहीं गायें रंभा कर
इंसान,
सूर्य नमस्कार से
अपने दिन की शुरूआत
करते हैं
सुबह खूबसूरत हो
तो कहते हैं
दिन अच्छा
बीतेगा •••!

यहाँ जाने कितने
ऐसे लोग भी है
जिन्होंने अरुणोदय
कब से नहीं देखा
क्योंकि दिन चढ़ने
के बाद उनकी
सुबह होती है ।
वो इतनी सुन्दर सुबह
को खो देते हैं ••••!

सपना देखना है
तो रात्रि में देखो
सुबह तो इन सपनों
को पूरा करने में
लगाना है
और अपने कर्मो से
सफलता पाना है
सुनहरे अक्षरों में
इतिहास में
नाम हो अपना
कर्म बना लो
अपने सपनों को सपना ••••!

अनिता मंदिलवार सपना
अंबिकापुर सरगुजा छतीसगढ़

Please follow and like us:

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page