KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

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पुस्तकों का आश्रय पाकर

इस रचना में पुस्तकों के महत्त्व का बखान मिलता है | साथ ही पुस्तकें किस तरह से हमारे जीवन को दिशा दे सकती हैं की ओर इशारा किया गया है |

तारों सितारों में तुझे ढूंढता हूँ

इस रचना में कवि उस प्रभु को जीवन की विभिन्न कठिन परिस्थितियों में ढूँढने का प्रयास कर रहा है | उस प्रभु को खोज रहा है |

आज जानकारियों का बढ़ गया भण्डार है

आज जानकारियों का बढ़ गया भण्डार है आज जानकारियों का बढ़ गया भण्डार है.कुछ सच्ची कुछ झूठी , कुछ की महिमा अपरम्पार है lकुछ यू - ट्यूब पर चला रहे चैनल , कुछ के…

जिन्दगी शम्मा सी रोशन हो खुदाया मेरे – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम “

इस रचना में खुदा की इबादत को ग़ज़ल के माध्यम से प्रेषित किया गया है | जिन्दगी शम्मा सी रोशन हो खुदाया मेरे - ग़ज़ल - मौलिक रचना - अनिल कुमार गुप्ता "अंजुम "

हे प्रभु मेरी विनती सुन लो – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम “

इस रचना में प्रभु भक्ति के माध्यम से जीवन को दिशा मिले इसका प्रयास किया गया है | हे प्रभु मेरी विनती सुन लो , प्रभु दर्शन की आस जगा दो - भजन - मौलिक रचना -…

चंद फूलों की खुशबू से कुछ नहीं होता – अनिल कुमार गुप्ता

यह एक ग़ज़ल है जिसमे जिन्दगी को रोशन किस तरह से किया जाए इस बारे में जिक्र किया गया है | चंद फूलों की खुशबू से कुछ नहीं होता - ग़ज़ल - मौलिक रचना - अनिल कुमार…

फिर किसी मोड़ पर वो मिल जाएँ कहीं – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम”

इस ग़ज़ल में किसी से मिलने की आरज़ू को बयाँ किया गया है | फिर किसी मोड़ पर वो मिल जाएँ कहीं - ग़ज़ल - मौलिक रचना - अनिल कुमार गुप्ता "अंजुम"