KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

आज जानकारियों का बढ़ गया भण्डार है

आज जानकारियों का बढ़ गया भण्डार है आज जानकारियों का बढ़ गया भण्डार है.कुछ सच्ची कुछ झूठी , कुछ की महिमा अपरम्पार है lकुछ यू - ट्यूब पर चला रहे चैनल , कुछ के

जिन्दगी शम्मा सी रोशन हो खुदाया मेरे – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम “

इस रचना में खुदा की इबादत को ग़ज़ल के माध्यम से प्रेषित किया गया है | जिन्दगी शम्मा सी रोशन हो खुदाया मेरे - ग़ज़ल - मौलिक रचना - अनिल कुमार गुप्ता "अंजुम "

हे प्रभु मेरी विनती सुन लो – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम “

इस रचना में प्रभु भक्ति के माध्यम से जीवन को दिशा मिले इसका प्रयास किया गया है | हे प्रभु मेरी विनती सुन लो , प्रभु दर्शन की आस जगा दो - भजन - मौलिक रचना -…

चंद फूलों की खुशबू से कुछ नहीं होता – अनिल कुमार गुप्ता

यह एक ग़ज़ल है जिसमे जिन्दगी को रोशन किस तरह से किया जाए इस बारे में जिक्र किया गया है | चंद फूलों की खुशबू से कुछ नहीं होता - ग़ज़ल - मौलिक रचना - अनिल कुमार…

फिर किसी मोड़ पर वो मिल जाएँ कहीं – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम”

इस ग़ज़ल में किसी से मिलने की आरज़ू को बयाँ किया गया है | फिर किसी मोड़ पर वो मिल जाएँ कहीं - ग़ज़ल - मौलिक रचना - अनिल कुमार गुप्ता "अंजुम"

खिले जो फूल बहारों के चमन हुआ रोशन – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम “

इस कविता में जिन्दगी के खुशनुमा पहलुओं को महसूस करने का प्रयास किया गया है | खिले जो फूल बहारों के , चमन हुआ रोशन - कविता - मौलिक रचना - अनिल कुमार गुप्ता…

हे नटनागर हे गिरधारी – भजन अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम “

यह एक भजन है जिसमे कान्हा की भक्ति एवं उनकी कृपा प्राप्ति का प्रयास किया गया है | कंचन कर दो काया मेरी , हे नटनागर हे गिरधारी - भजन - मौलिक रचना - अनिल…

ईश्वर से साक्षात्कार कराता है संगीत – अनिल कुमार गुप्ता ‘अंजुम’

इस रचना के माध्यम से कवि ने संगीत के विभिन्न आयामों को जीवन से जोड़ने का प्रयास किया है. ईश्वर से साक्षात्कार कराता है संगीत - कविता - मौलिक रचना - अनिल कुमार…