KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

मन में राम नाम नित जापे- कवयित्री अर्चना पाठक

मन में राम नाम नित जापेअवध पुरी आए सिय रामा।ढोल बजे नाचे सब ग्रामा।।घर-घर खुशहाली हर द्वारे। शिलान्यास मंदिर का प्यारे।।राम राज चहुँ दिशि है व्यापे। लोक…

कंगन की खनक समझे, चूड़ी का संसार(kangan ki khanak samjhe,chudi ka sansar)

#kavitabahar#hindi poem #archana pathakनारी की शोभा बढ़े, लगा बिंदिया माथ।कमर मटकती है कभी, लुभा रही है नाथ।कजरारी आँखें हुई,  काजल जैसी रात।सपनों में आकर कहे,…

सायली विधा में रचना

सायली छंद में रचनाचेहरादेख सकूँनसीब में कहाँबिटिया दूरबसेरा।अहसासबस तुम्हारापल-पल यादसताती रहीआज।यादआते रहेवो पल हरदमजो सुनहरेबीते।तेरीनटखट…