KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

पीयूष वर्ष छंद (वर्षा वर्णन) बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’

पीयूष वर्ष छंद (वर्षा वर्णन) बासुदेव अग्रवाल 'नमन' बिजलियों की गूंज, मेघों की घटा।हो रही बरसात, सावन की छटा।।ढोलकी हर ओर, रिमझिम की बजी।हो हरित ये भूमि, नव

चौपइया छंद “राखी” बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’

(चौपइया छंद) पर्वों में न्यारी, राखी प्यारी, सावन बीतत आई।करके तैयारी, बहन दुलारी, घर आँगन महकाई।।पकवान पकाए, फूल सजाए, भेंट अनेकों लाई।वीरा जब आया, वो

अयोध्या मंदिर निर्माण

अयोध्या मंदिर निर्माण अवधपुरी भगवा हुई, भू-पूजन की धूम। भारतवासी के हृदय, आज रहे हैं झूम।। दिव्य अयोध्या में बने, मंदिर प्रभु का भव्य। सकल देश का