KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

श्रमिक का सफर

जब ढलता है दिन सब लौटते घर हर चेहरा कहां खुश होता है मगर, उसका रास्ता निहारती कुछ आंखें पर खाली हो हाथ तो कठिन…

दीप जलाएं

आओ मिलकर दीप जलाएं ***************** अगर दीप जलाना है हमको तो पहले प्रेम की बाती लाएं घी डालें उसमें राष्ट्र…

आओ मिल कर दीप जलाएं

गर दीप ही जलाना है हमको तो पहले प्रेम की बाती लाएं घी डालें उसमें राष्ट्र भक्ति का आओ मिल कर दीप जलाएं। जाति…

क्या राम फिर से आएंगे

तड़प उठी है नारी बन रही है पत्थर, दबा दिया है उसने अपने अरमानों को, छुपा लिया है उसने अपने मनोभावों को, वो…

दो रोटी

जर्जर सा बदन है, झुलसी काया, उस गरीब के घर ना पहुंची माया, उसके स्वेद के संग में रक्त बहा है तब जाकर वह दो रोटी…

पुनः विश्व गुरु बनेगा भारत

हम पहले हुआ करते थे विश्वगुरु, हमारी ज्ञान पताका फहराती थी, सकल चराचर है परिवार हमारा , ये बात हवाएं भी गुनगुनाती…

ज़रूरी है देश

देश के रखवालों को मार रहे हैं वो इस राष्ट्र में फैला रहें हैं द्वेष, अब तो जागो सत्ता के मालिक अभी धर्म तुच्छ,…

जय श्री राम

जन्म लिया प्रभु ने धरती पर तो यह धरती बनी सुख धाम, गर्व है, हम उस मिट्टी में खेले जहां अवतरित हुए प्रभु राम।…

भूख : एक दास्तान

हमने तो केवल नाम सुना है हम ने कभी नहीं देखी भूख, जो चाहा खाया, फिर फैंका हम क्या जानें, है क्या भूख। पिता…

डॉक्टर : धरती पर भगवान

मानव कंपित, दुखी बहुत आज हुआ वो खस्ताहाल, मंदिर मस्जिद बंद हो गए काम आ रहे हैं अस्पताल। हां मैं भी एक उपासक…