नवधा भक्ति नौ दिन ले

नवधा भक्ति नौ दिन ले   नव दिन बर नवरात्रि आये, सजे माँ के दरबार हे ! जगजननी जगदम्बा दाई के, महिमा अपरंपार हे !! एक नहीं पूरा नौ दिन…

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शहर शहर निर्भया

यह रचना हाथरस में हुई घटना पर तथा लचीली व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया है!

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जय जय जय जय हो गनेश -दूजराम साहू
गणेश चतुर्थी विशेषांक

जय जय जय जय हो गनेश -दूजराम साहू

गनेश बंदना ( छत्तीसगढ़ी) जय ,जय ,जय ,जय हो गनेश !माता पारबती पिता महेश !! सबले पहिली सुमिरन हे तोर ,बिगड़े काज बना दे मोर !अंधियारी जिनगी में,हावे बिकट कलेश…

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सखी रे तीज पर्व आया है( दूजराम साहू)
कविता बहार दिवस आधारित रचनाओं का भंडार

सखी रे तीज पर्व आया है( दूजराम साहू)

सखी रे तीज पर्व आया है,भाई उपहार लाया है !गुँज रहीं सारी गलियाँ,बचपन याद आया है !! बरसों बाद मिलीं सखियाँ ,पुरानी बातें याद आयी !हँसी - ठिठोली कर रही…

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नन्ही कदमों कोसों चले

नन्ही कदमों कोसों चले नन्ही कदमों से कोसों चले माँ की आंचल पकड़े -पकड़े ! और कितनी दूर जाना है माँ कुछ चलकर हो जाते खड़े !! माँ बोली थोड़ी…

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कोरोना “खट्टी-मीटी “

कोरोना "खट्टी-मीटी" -----+-------+---------+------- ## खट्टी ## ................................ छीन लिया तूनें रोजी रोटी , सुख-चैन भी छीन लिया ! छीन लिया आँखों की नींद ,भोजन-भजन भी छीन लिया !! बम से…

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प्राण जाए तो जाए,

व्यंग्य रचना प्राण जाए तो जाए , फेर दारू तो मिल जाए ! कइसे जल्दी जुगाड़ होही, कोई ये तो बताए !! अब्बड़ दिन म खुले हावे, दाऊ भट्टी के…

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चिरागे धरती सिया समागे

??चिरागे धरती सिया समागे?? ठाढ़े - ठाढ़े देखत रहिगे , अकबकागे दरबार ! चिरागे धरती सिया समागे , छोड़के सकल संसार !! कईसन निष्ठुर होगे , जगत पति श्री राम…

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चलो दीप जलाये फिर से यार

चलो दीप जलाए फिर से यार की जगमग दीप जले कोरोना दूर भगाओ घर से यार की जगमग द्वार करें...... 5 अप्रैल दिन रविवार रात 9 बजे सब दीप जलाए…

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अपनी संस्कृति अपनाओ

अपनी संस्कृति अपनाओ, अपना अभिवादन अपनाओ! जब भी मिले दूसरो से , हाथ जोड़ मुस्कुराओ !! हाथ जोड़ मुस्कुराओ, कोरोना दूर भगाओ! हाथ धोये साबुन से थोड़ा न घबराओ !!…

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