मत्तगयन्द सवैया-आकर देख जरा अब हालत-गीता द्विवेदी

मत्तगयन्द सवैया-आकर देख जरा अब हालत --------------------- (1) आकर देख जरा अब हालत मैं दुखिया बन बाट निहारी। श्यामल रूप रिझा मन मीत बना कर लो रख हे गिरधारी। काजल…

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गीता द्विवेदी की हाइकु

हाइकु------1  -  पकते फल       फुदके गिलहरी       कोई न हल2  -  बीज धरा में        झर - झर बरखा        नवअंकूर3  -  कठपुतली       मनोरंजन कड़ी       दुनिया भूली4  -  एक आंगन       संयुक्त परिवार       …

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