KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

क्यों? प्रीत बढ़ाई कान्हा से

क्यों? प्रीत बढ़ाई कान्हा सेझलकत, नैनन की गगरियाँ,झलक उठे, अश्रु - धार,क्यों? प्रीत बढ़ाई कान्हा से,बेहिन्तहा, होकर बेकरार!तड़पत - तड़पत हुई मै…