KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

मेला पर बाल कविता

मेला पर बाल कविता कविता 1 काले बादल, काले बादल। मत पानी बरसाओ बादल ॥मुझे देखने मेला जाना । यहाँ नहीं पानी बरसाना। मेले से जब घर आ जाऊँ। तुमको…

हाथी पर बाल कविता

हाथी पर बाल कविता हाथी पर कविता 1 हाथी आया झूम के,धरती माँ को चूम के।टाँगे इसकी मोटी हैं,आँखें इसकी छोटी हैं।गन्ने पत्ती खाता है,लंबी सूँड़…

मुर्गा पर बाल कविता

मुर्गा पर बाल कविता मुर्गा बोला कुकड़ू, कूँ,चल मेरे भैया रूकता क्यूँकुत्ता भौके, भौ-भौं-भौं,अटकी गाड़ी पौं- पौं-पौ।बकेरी आई, बिल्ली आई,मैं-मैं…

डाकिया पर बाल कविता

डाकिया पर बाल कविता देखो एक डाकिया आया,साथ में अपना थैला लाया।खाकी टोपी खाकी वर्दी,आकर उसने चिट्ठी फेंकी।संदेशा शादी का लाया,शादी पर हम भी…

कबूतर पर बाल कविता

कबूतर पर बाल कविता गुटरूँ-गूँउड़ा कबूतर फर-फर-फर,बैठा जाकर उस छत पर।बोल रहा है गुटरूँ-गूँ,दाने खाता चुन चुन कर कबूतर / सोहनलाल द्विवेदी …

चंदा मामा पर कविता

चंदा मामा पर कविता चंदा मामा पर कविता चंदा मामा दूर केचंदा मामा दूर केपुए पकाये बूर के |आप खाएँ थाली में।मुन्नी को दें प्याली में ॥प्याली गयी…

कुत्ता पर बाल कविता

कुत्ता पर बाल कविता लालची कुत्ता कुत्ता इक रोटी को पाकर,खाने चला गाँव से बाहर।नदी राह में उसके आई,पानी में देखी परछाई।लिये है रोटी कुत्ता…

गुड़िया पर बाल कविता

गुड़िया पर बाल कविता गुड़िया मेरी रानी है,बन्नो बड़ी सयानी है।गुन-गुन गाना गाती है,ता-थई नाच दिखाती है।हँसती रहती है दिन रात,करती है वह मीठी…

नन्हे मुन्ने सैनिक हम

नन्हे मुन्ने सैनिक हम नन्हे मुन्ने सैनिक पी-पी पी-पी डर-डर-डम,नन्हे मुन्ने सैनिक हम।छोटी-सी है फौज हमारी,पर उसमें है ताकत भारी।बड़ी-बड़ी फौजें…

मां पर बाल कविता

मां पर बाल कविता मातृ दिवस मई (दूसरा रविवार) MOTHER'S DAY 2ND SUNDAY OF MAY MONTH अम्माँ करती कितना काम।चाहे सुबह हो चाहे शाम ॥कुछ न कुछ करती…