अनुभूति भाव पर कविता
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अनुभूति भाव पर कविता

  *"अनुभूति"* दृश्य देख अनुभूति से ,              आया अब विश्वास । अपने उन्नति के लिए ,              लोग करे…

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गुरु ईश्वर समतुल्य हैं
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गुरु ईश्वर समतुल्य हैं

गुरु बिन ज्ञान मिले नहीं ,               रखना गुरुवर मान । गुरु की कृपा अनंत है ,              …

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चाँद

चाँद बिखरता चाँदनी, करता जग अंजोर। चंद्र कांति से नित लगे, अभी हुआ है भोर।। दुनिया भर से तम मिटा, चारों दिशा प्रकाश। नील गगन पर दिव्यता, आलोकित आकाश।। नवग्रह…

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साधना

करूँ इष्ट की साधना, कृपा करें जगदीश। पग पग पर उन्नति मिले, तुझे झुकाऊँ शीश।। योगी करते साधना, ध्यान मगन से लिप्त। बनते ज्ञानी योग से, दूर सभी अभिशिप्त ।।…

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मेघदूत

*मेघदूत* .पवन वेग से उड रे चेतक ,जहाँ दुश्मन यह आया है ।रखा रुप विकराल दुष्ट ने ,ताँडव  वहाँ  मचाया  है।रक्तरंजित हो गयी धरा ,निर्दोषो के खून से।जाने न पाये…

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