KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

फिर से लौट आएगी खूबसूरत दुनियां

फिर से लौट आएगी खूबसूरत दुनियां पिछले कुछ दिनों सेमैंने नहीं देखा है रोशनी वाला सूरजताज़गी वाली हवाखुला आसमानखिले हुए फूलहँसते-खिलखिलाते लोगएक-एक दिनदेह में

तोड़े हुए रंग-विरंगे फूल:नरेन्द्र कुमार कुलमित्र

नरेन्द्र कुमार कुलमित्र: तोड़े हुए रंग-विरंगे फूल टीप-टीप बरसता पानी छतरी ओढ़े सुबह-सुबह चहलकदमी करते घर से दूर सड़कों तक जा निकला देखा-- सड़क के किनारे लगे हैं…

अरे लकीर के फकीरों

अरे लकीर के फकीरों ! -06.06.2020 अपने-अपने मुहावरों पर वे और तुम जिते आ रहे हो सदियों से मुहावरा कभी बदला ही नहीं न उनका न तुम्हारा शासक हैं वे बागडोर है उनके…

हिन्दी कविता: केवल वक्ता के लिए — नरेन्द्र कुमार कुलमित्र

केवल वक्ता के लिए - नरेन्द्र कुमार कुलमित्र 5.6.2020 ---------------------------------------/हे मेरे प्यारे वक्तावाक कला में प्रवीणबड़बोला महाराजबातूनी

हिन्दी कविता: रायपुर सेंट्रल जेल में– नरेन्द्र कुमार कुलमित्र

रायपुर सेंट्रल जेल में-- नरेन्द्र कुमार कुलमित्र 23.06.2020-----------------------------------------------------/रायपुर में पढ़ता था मैंपंडित रविशंकर शुक्ल

हिन्दी कविता : जार्ज फ्लॉयड- नरेन्द्र कुमार कुलमित्र -10.06.2020

जार्ज फ्लॉयड तुम आदमी थे तुम आदमी ही रहे पर तुम्हें पता नहीं कि शैतानी नज़रों में आदमी होना कुबूल नहीं होता आख़िर तुम मारे गए काश तुम जान गए होते कि तुम्हारा…

गुरु पच्चीसी

. गुरु पच्चीसी . 💫 *गुरु पूनम*💫 1..💫💫 शिक्षक का आदर करो, गुरुजन पूजित होय। प्रथमा गुरु माता कहें, पितु भी गुरुपद जोय।। 2..💫💫 जो हमको शिक्षा दिये, शिक्षक गुरु…