KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

सर्वधर्म सार तत्व (दोहे)

सर्वधर्म सार तत्व (दोहे)बाइबिल नीतिवचननीतिवचन से सीख लें, मोल महत्तम माप।बुद्धि स्वर्ण से उच्च है, सच पतरस की नाप।।बुद्धिबुद्धि क्षेत्र परिमाप को, दें…

भोर वंदन-नवनिर्माण करें

भोर वंदन-नवनिर्माण करें====लावणी छन्दगीत 16,14 पदांत 2====सत्य सर्वदा अपनाएँ हम, न्योछावर निज प्राण करें।…राम राज्य आधार शिला ले,आओ नवनिर्माण करें।।… …

नारी का सम्मान करो

नारी का सम्मान करोलावणी छंदवेद ग्रंथ में कहें ऋचाएँ, जड़ चेतन में ध्यान धरो।.जननी भगिनी बिटियाँ पत्नी, नारी का सम्मान करो।..नारी से नर नारायण हैं, नारी…

भाषाओं के अतिक्रमण

भाषाओं के अतिक्रमणसर्वनाम से पूछ रहे हैं, संज्ञा नाम कहाँ जाएँ…भाषाओं के अतिक्रमण में, हिंदी धाम कहाँ पाएँ…स्वर व्यंजन के मेल सुहाने, संयुक्ताक्षर देते…

सड़क विषय पर कविता

सड़क विषय पर कविताहै करारा सा तमाचा, भारती के गाल पर।…रो रही है आज सड़कें, दुर्दशा के हाल पर।।…भ्रष्टता को देख लगता, हम हुए आज़ाद क्यूँ?आम जनता की कमाई,…

अन्नदाता पर कविता

अन्नदाता पर कवितास्वेद भालों में कृषक के, ध्यान होना चाहिए।नेक धरतीपुत्र तेरा, गान होना चाहिए।(2)अन्नदाता का धरा में, मान होना चाहिए…तपता तनजेठ की…