KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

शीत में निर्धन का वस्त्र- अखबार

शीत में निर्धन का वस्त्र -अखबार काया काँपे शीत से, ओढ़े तन अखबार। शीत लहर है चल रही, पड़े ठंड की मार। पड़े ठंड की मार, नन्हा सा निर्धन बच्चा। शीत…

पद्मा के दोहे – मंगल हो नववर्ष

पद्मा के दोहे - मंगल हो नववर्ष दास चरण नित राखिए, हे सतगुरु भगवान । विघ्न हरो मंगल करो, शुभता दो वरदान।।1 मंगल हो नव वर्ष में , ऐसा दो वरदान। त्रास…

महिमा मोर छत्तीसगढ़ के..गीत पद्मा साहू “पर्वणी”

महिमा मोर छत्तीसगढ़ के छत्तीसगढ़ महतारी मोर, तोर महिमा हे बड़ भारी। गजब होवत हे नवा बिहान, छत्तीसगढ़ के संगवारी। ये भुइयाँ के नाम हे पहिली दक्षिण…

हिंदी कविता : मैं कौन हूं?(श्रीमती पदमा साहू)

हिंदी कविता : मैं कौन हूं? मैं कौन हूं, कहाँ से आयी? किस कारण जन्म हुआ मेरा विचारती हूं। ईश्वर के हाथों बंधी कठपुतली मैं, सृजनकार की अमूल्य कृति…

छत्तीसगढ़ी गीत: मोर जनम भूमि के भुईयां (पदमा साहू)

मोर जनम भूमि के भुईयां मोर जनमभूमि के भुंईयां मा माथ नवावंव गा। मोर छत्तीसगढ़ के भुंईयां मा माथ नवावंव गा।। जनम लेंव इही माटी मा ,,,,,2 इही मोर संसार…