हिंदी कविता : मैं कौन हूं?(श्रीमती पदमा साहू)

हिंदी कविता : मैं कौन हूं? मैं कौन हूं, कहाँ से आयी? किस कारण जन्म हुआ मेरा विचारती हूं। ईश्वर के हाथों बंधी कठपुतली मैं, सृजनकार की अमूल्य कृति हूं।…

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छत्तीसगढ़ी गीत: मोर जनम भूमि के भुईयां,,,,,, (पदमा साहू)

गीत मोर जनमभूमि के भुंईयां मा माथ नवावंव गा। मोर छत्तीसगढ़ के भुंईयां मा माथ नवावंव गा।। जनम लेंव इही माटी मा ,,,,,2 इही मोर संसार आवय गा-- मोर..................... इंहा…

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हिन्दी कविता : गंगाजल (रचनाकार श्रीमती पदमा साहू)

दिनांक__28,05,2020 छंदमुक्त कविता शीर्षक__गंगाजल राजा सगर के साठ हजार पुत्रों को, दिया ऋषि ने क्रुद्ध हो भयंकर श्राप। श्रापित सगर पुत्र सारे मृत हो गए पर, आत्मा मुक्त न हुई,विचरते…

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मां,,,(कविता, पदमा साहू)

    विधा,, कविता शीर्षक,,, मां   मां तुम धरा की अमूल्य धरोहर, तुम होअद्भुत,अतुल्य जीवन निर्मात्री।   नौ माह कोख में रक्त से सींचती, मां तुम हो बच्चों की…

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कलयुग के राम बन जाओ

" *कलयुग के राम"* _________________ गुरु, मात पिता मान बढ़ाने, नित शीश झुकाओ। आज्ञाकारी धर्म वीर बन, राम सा छवि बनाओ। बच्चों कुल का मान बढ़ाने, *कलयुग के राम बन…

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आखिर कब तक तय करेगी दुनिया कोरोना की दूरी….

विधा_कविता आखिर कब तक तय करेगी दुनिया कोरोना की दूरी जब से शुरू हुई कोरोना की बीमारी, मानव जीवन पर आफत आन पड़ी भारी। लोगो में बढ़ गया भय और…

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जीतेंगे भारत वाले कोरोना से लड़ाई..

जीतेंगे भारत वाले कोरोना से लड़ाई,,,,, मै हूं चीन की बीमारी, मै हूं हर देश में छाई, छिक है मेरी लक्षण, खांसी, सिरदर्द मै छाई, सबको मारने मै हूं आई,…

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मृत्यु

जन्म लिए जिस घड़ी रेे मानव, मृत्यु तय हो गई उस दिन! तन एक वसन बदलते रहे अनेक, मृत्यु आया काया भी बदलेगी उस दिन! माया के जाल में मस्त…

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मुझे बहुत याद आती है मेरी बचपना

मां के पीछे दौड़ कर आंचल में छिपना, पच्चीस पैसे के लिए मां को मनाना, नड्डा,पिपरमेंट उंगलियों में फंसा कर खाना, दादा की डांट दादी की दुलारना, मुझे बहुत याद…

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