हनुमत वंदना

मंगलकारी प्रभात, राम नाम जाप कर, चित्त निज साफ कर, पवनसुत ध्यान धर,प्रभु को पुकारिये। भेद भाव भूल कर, क्रोध अहं नाश कर, बजरंगी शरण जा, जीवन सुधारिये।। राम भक्त…

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चलो फिर आज खुश होकर, दिवाली को मनाएँ हम-प्रवीण त्रिपाठी जी की कविता का आनंद लें

दीपावली विशेष कविताचलो इस बार फिर मिल कर, दिवाली को मनाएँ हम।हमारा देश हो रोशन, दिये घर-घर जलाएँ हम।मिटायें सर्व तम जो भी, दिलों में है भरा कब से।करें उज्ज्वल…

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गोवर्धन पूजा पर रचित प्रवीण त्रिपाठी जी सुंदर रचना आप जरूर पढ़िये

*नटवर नागर प्यारे कान्हा, गोवर्धन कर धरते हो।**इंद्र देव का माधव मोहन, सर्व दर्प तुम हरते हो।**ब्रज मंडल के सब नर-नारी, इंद्र पूजते सदियों से।**लीलाधारी कृष्ण चन्द्र को, कभी न…

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चलो इस बार फिर मिल कर, दिवाली को मनाएँ हम- प्रवीण त्रिपाठी का बेहद खुबसूरत कविता

*चलो इस बार फिर मिल कर, दिवाली को मनाएँ हम।**हमारा देश हो रोशन, दिये घर-घर जलाएँ हम।**मिटायें सर्व तम जो भी, दिलों में है भरा कब से।**करें उज्ज्वल विचारों को,…

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स्वच्छता पर छः कुंडलिया छंद (Six Kundalia verses on cleanliness)

स्वच्छता पर छः कुंडलिया छंद…*घर घर में अब देश के, मने स्वच्छता पर्व।**दूर करें सब गंदगी, खुद पर तब हो गर्व।**खुद पर तब हो गर्व, न कोई कोना छोड़ें।**बदलें आदत…

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प्रश्न है अब आन का-प्रवीण त्रिपाठी (PRASANNA HAI AB AAN KA )

प्रश्न है अब आन का-प्रवीण त्रिपाठीछंद गीतिका छंदहर  प्रगति  के  मूल में  स्थान  है  विज्ञान का।खोज करता नित्य जो उपयोग करके ज्ञान का।1रात दिन वो जूझते भारत कभी पीछे न…

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बासंती फागुन(basanti Fagun)

⁠⁠⁠ *बासंती फागुन* ओ बसंत की चपल हवाओं,फागुन का सत्कार करो।शिथिल पड़े मानव मन मेंफुर्ती का  संचार करो।1बीत गयी है आज शरद ऋतु,फिर से गर्मी आयेगी. ऋतु परिवर्तन की यह…

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नारियां

*विषय : नारियां* *मात्रा  : भार 122 122 122 12* *तुकांत : यां का स्वर* *समांत : नारियां* बदलती चमन की फिजाँ नारियां।हँसीं हैं बनाती ज़हां नारियां।1नहीं काम कोई शुरू…

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सेना

 *कुंडलिया छंद* *विषय : सेना* *सेना भारत वर्ष की, उत्तम और महान।**इसके साहस की सदा, जग करता गुणगान।**जग करता गुणगान, लड़े पूरे दमखम से।**लेती रिपु की जान, खींच कर…

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तिरंगा

तीन रंगों का मैं रखवाला खुशहाल भारत देश हो। मेरी भावनाओं को सब समझें ऐसा यह सन्देश हो।जब-जब होता छलनी मेरा सीना मैं भी अनवरत रोता हूँ ।मेरे दिल की…

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