KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

मेरे ख़यालों में

एक प्रयोग ? तुम मेरे ख़यालों में होते हो मैं ख़ुशनसीब होता हूँ बात चलती है तुम्हारी जहाँ मैं ज़िक्र में होता हूँ . पलकें बंद होती नहीं रातों को यादों…

आया फागुन झूम के

?आया फागुन झूम के? ? मनभावन मौसम ले आया फागुन का त्यौहार प्रिये दबी हुई कुछ अरमानों की उत्सव का संसार लिये प्यार भरे ताक़रारों से बढ़ गयी शरारत अबकी बार…

यादो का कारवाँ

मुक्तक ? उंगली पकड़ के यादों की चलता हूँ दिन रात प्रिये खट्टी मीठी यादों की है भोली हर जज़्बात प्रिये हूँ एकाकी यहाँ नहीं मैं जीवन के अहबाब…

है नमन देश की माटी को-राजेश पाण्डेय अब्र

है नमन देश की माटी को-राजेश पाण्डेय अब्र विश्वजीत है स्वंत तिरंगा तीन रंगों की अमृत गंगासरफ़रोश होता हर जन मन मत लेना तुम इससे पंगा, ऊर्ज समाहित

समर शेष है रुको नहीं – rajesh pandey abra ( samar shesh hai ruko nahi)

#poetryinhindi,#hindikavita, #hindipoem, #kavitabaharसमर शेष है रुको नहींसमर शेष है रुको नहींअब करो जीत की तैयारीआने वाले भारत कीबाधाएँ होंगी खंडित…

करना हो तो काम बहुत हैं(There are so many things to do)

नेकी के तो धाम बहुत हैंकरना हो तो काम बहुत हैं।सोच समझ रखे जो बेहतरउनके अपने नाम बहुत हैं।प्रेम रंग गहरा होता हैरंगों के आयाम बहुत हैं।गुण सम्पन्न बहुत होते…

मौन बोलता है(moun bolata hain)

*मौन* बोलता हैहाँ !मैं ठहर गया हूँतुम्हारी परिधि में आकरसुन सको तोमेरी आवाज सुनना"मौन" हूँ मैं,मैं बोलता हूँपर सुनता कौन हैअनसुनी सी बात मेरीतुम्हारी "चर्या"…

प्यार का पहला खत पढ़ने को

समान्त - आरीपदांत - आँखेंमात्रा भार - 30मात्रा पतन - *?प्यार का पहला खत पढ़ने को* तड़पी है यारी आँखें,पिया मिलन की* चाह में अक्सर रोती है सारी आँखें।सुधबुध खोकर…

दिल की बात जुबाँ पे अक्सर हम लाने से डरते हैं(dil ki bat zuban pe aksar lane se darte hai)

दिल की बात जुबाँ पे अक्सर हम लाने से डरते हैंकहने को तो हम कह जाएँ पर कहने से बचते हैं।दिल वालों की इस बस्ती में कौन किसी का अपना हैकहने को अपना कह जाएँ पर कहने…

दिल की बात बताकर देखो(dil ki baat batakar dekho)

222  222  22दिल की बात बताकर देखोमन में दीप जलाकर देखो।कौन किसी को रोक सका हैनाता खास निभाकर देखो।आँखों की बतिया समझो तोलब पर मौन सजाकर देखो।इश्क़ सफ़ीना सबका यक…