महात्मा (बापू पर कविता)

ये राष्ट्र सदा ऋणी रहेगा,बापू तेरे उपकार का।तू लाल भारत भूमि का,आदर्श बना संसार का।। वृद्ध वयस और दुर्बल काया,कोई ऐसी तो बात थी।हुंकार भरा जब-जब तूने,जनता तेरे साथ थी।नाव…

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पखवाड़े में सिमटी हिंदी
हिन्‍दी दिवस

पखवाड़े में सिमटी हिंदी

पखवाड़े में सिमटी हिंदी पखवाड़े में सिमटी हिंदी, बेबस और लाचार सी, अपनों से अपमान है सहती, अपनों को ही पुकारती। जो अपनी ही माता को, माता कहने से शरमाता हो, जो निज राष्ट्रभाषा को खुलकर, बोलने…

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