KAVITA BAHAR
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अयोध्या मंदिर निर्माण

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अयोध्या मंदिर निर्माण


अवधपुरी भगवा हुई, भू-पूजन की धूम।

भारतवासी के हृदय, आज रहे हैं झूम।।


दिव्य अयोध्या में बने, मंदिर प्रभु का भव्य।

सकल देश का स्वप्न ये, सबका ही कर्तव्य।।


पाँच सदी से झेलते, आये प्रभु वनवास।

असमंजस के मेघ छंट, पूर्ण हुई अब आस।।

मन में दृढ संकल्प हो, कछु न असंभव काम।

करने की ठानी तभी, खिला हुआ प्रभु-धाम।।


डर बिन सठ सुधरैं नहीं, बड़ी सार की बात।

काज न हो यदि बात से, आवश्यक तब लात।।


रामलला के नाम से, कटते सारे पाप।

रघुपति का संसार में , ऐसा प्रखर प्रताप।।


बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’तिनसुकिया

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