KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

कविता बहार बाल मंच ज्वाइन करें @ WhatsApp

@ Telegram @ WhatsApp @ Facebook @ Twitter @ Youtube

भारत मां के सपूत पर कविता

0 522

भारत मां के सपूत पर कविता

                          (1)
तिलक लगाकर चल, भाल सजाकर चल।
माटी मेरे देश की, कफ़न लगाकर चल।
देश में वीर योद्धा जन्मे, मच गई खलबल।
भारत मां के सपूत है ,आगे चल आगे चल।
                         (2)
भगत ,चंद्रशेखर, सुखदेव थे क्रांतिकारी दल।
अंग्रेजो के नाक में ,दम कर रखा था हरपल।
देश आजादी पाने के लिए,बना लिए दलबल।
भारत मां के सपूत है ,आगे चल आगे चल।
                         (3)
नारी जगत की शान ने,मचाया कोलाहल।
ऐसी वीरांगना लक्ष्मीबाई को याद करेंगे हरपल।
मातृभूमि  के लिए,जब कुर्बानी दी थी ओ पल।
भारत मां के सपूत है ,आगे चल आगे चल।
                          (4)
लाल बाल पाल क्रांतिकारी, ये थे गरम दल।
साइमन कमीशन वापस जाओ,किया हल्ला बोल।
वीर लाला लाजपत राय ने गवांई प्राण ओ पल।
भारत मां के सपूत है ,आगे चल आगे चल।

########****

रचनाकार कवि डीजेन्द्र क़ुर्रे “कोहिनूर”
पीपरभवना,बिलाईगढ़,बलौदाबाजार (छ.ग.)
‌8120587822
कविता बहार से जुड़ने के लिये धन्यवाद

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.