भारत तुझे तय करना है

भारत तुझे तय करना है

भारत तुझे तय करना है ।
किस दिशा में उड़ान भरना है ।
 
अपने पूरब में सूरज उगे,
और पश्चिम में ढलता है ।
अब तु ही बता मुझे,
पश्चिमी ढलान में क्यूं चलता है ।
 
तेरा संस्कृति ही तेरा अस्तित्व,
बसी जिसमें सभ्यता का सौंदर्य,
पाश्चात्य को तु मंजिल ना जान,
असलियत में वो है संस्कृति का अपमान ।
 
पवित्र संस्कारों की ओढ़नी बिन
आभूषणों की श्रृंगार अधुरा है।
पर विचारों में नवीनता ना हो,
तो हर सभ्यता बुरा है।
 
अब सच का आसमान देखना है तो ,
खुला मैदान जाना होगा ।
मानवता की मंजिल पाने को
हर राहों को परखना होगा ।।
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मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़

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