KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

तूने भुला दिया यार को कैसी हो दीवानी

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

तूने भुला दिया यार को कैसी हो दीवानी

तूने भुला दिया यार को ,कैसी हो दीवानी ?
कल जो अपना रहा ,आज हुई वह बेगानी ।
चांदनी …चांदनी ……बन जाओ मेरी रानी।
छोड़ो मनमानी ।।
एक सफर है, एक जहां है, एक ही रास्ता ।
तूने ही जो साथ छोड़ा तो मेरा क्या वास्ता ?
क्या गुनाह रहा जो, कर रही हो बेईमानी ।।
चांदनी…. चांदनी…. बन जाओ मेरी रानी ।
छोड़ो मनमानी ।।

कसमें लिए थे जो रब के सामने।
ना तोड़ो उन कसमों को सबके सामने।।
जानबूझकर बनती हो क्यों अनजानी?
चांदनी …चांदनी ….बन जाओ मेरी रानी ।
छोड़ो मनमानी।।
तूने भुला दिया…..

– मनीभाई नवरत्न