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बुजुर्गों के सम्मान पर कविता

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बुजुर्गों के सम्मान पर कविता

बुजुर्ग, परिवार-आधार-स्तंभ, इनका करो सम्मान,
करो सेवा सहृदय से, इनका मत करो अपमान।
करो सत्कार बुजुर्गों पर ,रोको इन पर अत्याचार,
बड़ा खुशनसीब है वो जिसे मिला, बुजुर्गों का प्यार।


परोपकार का हमको देते ये ज्ञान,
बुजुर्गों का हमेशा करो सम्मान।
अब बुजुर्ग हो गया कमजोर और लाचार,
बहुत खुशनसीब है वो जिसे मिला,बुजुर्गों का प्यार।


बुजुर्गों का शान और ताकत की है ये कहानी,
अथक-कठीन प्रयास से बनायी हमारी जिंदगानी।
पत्थर को भी बनादे मिट्टी एसी थी उनकी जवानी,
हर ख्वाहिश को कर दिया मुकम्मल चाहे लाभ हो या हानि।


ऎसे महान लोगों की सेवा हमको अब नहीं गंवानी,
नहीं रहा उनमें ताकत बन गए वो अब नाना- नानी।
करो सेवा पुरे मन से लेलो आशीर्वाद रूपी उपहार,
बहुत खुशनसीब है वो जिसे मिला, बुजुर्गों का प्यार।


भूखे पेट रहकर भी हमको खाना खिलाया,
फटे कपड़े पहनकर हमको नया लिबास दिलाया।
ममतामई – रोली सुनाकर हमको प्यार से सुलाया,
ऐसे महान लोगों का दिल तुने क्यों दुःखाया।
बुजुर्गों को चाहिए प्यार – दुलार भरा व्यवहार,
बहुत खुशनसीब है वो जिसे मिला, बुजुर्गों का प्यार।


बुजुर्गों की कर सेवा निभाओ अपना धर्म,
रखना अपने पास इनको मत भेजना वृद्धा-आश्रम।
बुजुर्गों के लाठी का सहारा बनके देखो तो एकबार,
बहुत खुशनसीब है वो जिसे मिला, बुजुर्गों का प्यार।



अकिल खान रायगढ़ जिला – रायगढ़ (छ. ग.) पिन – 496440.

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