KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR
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ग़ज़ल

यह अरबी साहित्य की प्रसिद्ध काव्य विधा है । संगीत के क्षेत्र में इस विधा को गाने के लिए इरानी और भारतीय संगीत के मिश्रण से अलग शैली निर्मित हुई।
अरबी भाषा के ‘ग़ज़ल’ शब्द का अर्थ है औरतों से या औरतों के बारे में बातें करना।

It is a famous poetic genre of Arabic literature. In music, this genre was created by mixing Iranian and Indian music to sing this genre.
The word ‘Ghazal’ in Arabic means to talk to women or about women.

मौत का क्या है कभी तो आ ही जाएगी

मौत का क्या है कभी तो आ ही जाएगी,,, हयात का क्या है कभी तो खत्म हो ही जाएगी,, सोचते रहते हैं हम तो उनके बारे में,,, इंतजार की घड़ी कभी तो खत्म हो ही…

चन्द्रभान ‘चंदन’ के द्वारा सजाये गये बेहतरीन शेरों का मज़ा लीजिये…. (Chandan…

इरादा क़त्ल का हो और आँखों में मुहब्बत हो,भला इस मौत से चन्दन कोई कैसे मुकर जाए..------------------कभी लगता था बिन तेरे मुक़म्मल दिन नहीं होगा,अधूरी शाम…

जम्मू कश्मीर की कवयित्री कुसुम शर्मा अंतरा जी का बेहतरीन ग़ज़ल (Bhula baithe the ham jinko would…

ग़ज़ल भुला बैठे थे हम जिनको वो अक्सर याद आते हैंबहारों के हसीं सारे वो मंज़र याद आते हैंरहे कुछ बेरहम से हादसे मेरी कहानी केझटक कर ले गए सबकुछ जो महशर याद आते…

अमर पंकज(डाॅ अमर नाथ झा) का दीपावली पर बेहतरीन ग़ज़ल, जरूर पढ़िये

ग़ज़लः रात भर मंज़ूर जलना, जोत ने जतला दियादूर करके हर अँधेरा दीप ने दिखला दियाघिर गया था हर तरफ़ से, रात काली थी बहुत चाँद ने हँस कर मुझे पर रास्ता बतला…

ग़ज़ल – रात भर बैठ कर

घात काटी गई रात भर बैठ कर ।याद काटी गई रात भर बैठ कर ।।इश्क पर बंदिशें साल दर साल की। म्यांद काटी गई रात भर बैठ कर ।।हिज्र की रात में, आपकी याद में। रात काटी गई…

वो मुझे याद आता रहा देर तक (wo mujhe yaad aata rha der tak)

वो मुझे याद आता रहा देर तक,मैं ग़ज़ल गुनगुनाता रहा देर तकउसने पूछी मेरी ख़ैरियत वस्ल मेंमैं बहाने बनाता रहा देर तकउसने होठों में मुझको छुआ इस तरहये बदन कँपकपता रहा…

जो शख़्स जान से प्यारा है-चन्द्रभान ‘चंदन'(jo sakhsh jan se pyara hai)

जो शख़्स जान से प्यारा है पर करीब नहींउसे गले से लगाना मेरा नसीब नहींवो जान माँगे मेरी और मैं न दे पाऊँग़रीब हूँ मैं मगर इस क़दर ग़रीब नहींहसीन चेहरों के अंदर फ़रेब…