Browsing Category

गीत

प्रीत की बाजी कसूरी

👀👀👀👀👀👀👀👀👀 ~~~~~~~~~~~~बाबूलालशर्मा . *गीत/नवगीत* . ( १४,१४ ) *प्रीत की बाजी कसूरी* . °°°°°°°°°° कल्पना यह कल्पना है, आपके बिन सब अधूरी। गया भूल भी मधुशाला, वह गुलाबी मद सरूरी। सो रही है भोर अब यह,…

प्रेमगीत

है मुझे स्मरण... जाने जाना जानेमन ! वो पल वो क्षण हमारे नयनों का मिलन जब था मूक मेरा जीवन तब हुआ था तेरा आगमन कलियों में हुआ प्रस्फुटन भंवरों ने किया गुंजन है मुझे स्मरण... जाने जाना जानेमन ! तेरा रूप तेरा यौवन जैसे खिला हुआ चमन…

मैं तो हूं केवल अक्षर

मैं तो हूं केवल अक्षर तुम चाहो शब्दकोश बना दो लगता वीराना मुझको अब तो ये सारा शहर याद तू आये मुझको हर दिन आठों पहर जब चाहे छू ले साहिल वो लहर सरफ़रोश बना दो अगर दे साथ तू मेरा गाऊं मैं गीत झूम के बुझेगी प्यास तेरी…

प्रिय याद तुम्हारी आई -केवरा यदु “मीरा “

🌹प्रिय याद तुम्हारी आई🌹 रिमझिम बरखा के आने से प्रिय याद तुम्हारी आई। मेरे मन के आँगन में फिर गूँज उठी शहनाई। प्रिय याद तुम्हारी आई।। बाट जोहती साँझ सबेरे आयेंगे अब साजन। मन ही मन मैं झूमती गाती बजते चूड़ी कंगन। रिमझिम रिमझिम बूँदिया…

ओ मेरी चाँदनी ओ मेरी लाल परी

🌹चाँद 🌹 चौदहवीं का चाँद है तू कहूँ या कुदरत की जादूगरी । जन्नत से इस धरती पर तू किसके लिये उतरी ।। ओ मेरी चाँदनी ओ मेरी लाल परी। रूप सलोना ऐसा जैसे खिलता हुआ गुलाब । लाल परी है तू रानी तेरा नहीं जवाब । तुझे देख कर गोरी हमने ऽऽऽ तुझे देख…

जान से प्यारा तिरंगा है- मनीभाई नवरत्न

जान से प्यारा तिरंगा है जग में न्यारा तिरंगा है । मौत से खेलेंगे इसके लिए दिल ने पुकारा तिरंगा है। अब ना झुकने देगें, कदम ना रूकने देंगे आजादी का दीया , हम ना बुझने देंगे। आंधी से लड़ने के लिए तूफान तिरंगा है। जोश जगी है जो धड़कन में वो…

मोर संग पढ़व रे ,मोर संग लिखव -मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ी गीत:- (मोर संग चलव रे.... आदरणीय श्री लक्ष्मण मस्तुरिहा के गीत से प्रेरित व उसी के तर्ज़ पर) मोर संग पढ़व रे मोर संग गढ़व .... ओ दीदी बहनी नोनी मन अउ लइका के महतारी मन मोर संग पढ़व रे मोर संग गढ़व । महिला मन के हक ल छिनै ए…

तुझ संग प्रीत लगाई कृष्णा-केवरा यदु “मीरा “

🌹तुझ संग प्रीत लगाई कृष्णा 🌹 तुझ संग प्रीत लगाई कृष्णा कृष्णा कृष्णा हो कान्हा । आओ कन्हाई आओ कन्हाई तुझ संग प्रीत लगाई कृष्णा---- कान्हा तूने राधा से प्रीत लगाकर भूले हो कैसे मोहन मथुरा में जाकर । गोकुल की गलियों में फिरती है बावरी सी तन…

कवयित्री केवरा यदु “मीरा ” की श्रीकृष्ण के प्रति राधाभक्ति अपने गीत में, जरूर…

🌹राधा पुकारे तोहे 🌹 राधा पुकारे  तोहे  श्याम  हाथ जोड़  कर।आ जाओ  मोहन  प्यारे  मथुरा  को छोड़  कर।।आ जाओ  मोहन  प्यारे मथुरा को छोड़ कर ।रूठ गई निंदिया  श्याम  , चैनों  करार भी।प्रीत  जगाके  काहे  मुझको  बिसार दी।भूल  नहीं  जाना कान्हा…

गोकुल राम साहू की छत्तीसगढ़ी कविता मातर तिहार मनाने को कह रही है, क्या आप जानते हैं ये मातर तिहार…

🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵🏵            *मातर तिहार* चलना दीदी चलना भईया,मातर तिहार ला मनाबोन।बड़े फजर ले सुत उठ के,देवी देवता ला जगाबोन।।हुँगूर धूप अगर जलाके,देवी देवता ला मनाबोन।रिक्छिन दाई कंदइल मड़ई संग,मातर भाँठा मा जुरियाबोन।।मोहरी बाजा अउ रऊत…