KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR
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गीत

स्वर, पद और ताल से युक्त जो गान होता है वह गीत कहलाता है। गीत, सहित्य की एक लोकप्रिय विधा है। इसमें एक मुखड़ा तथा कुछ अंतरे होते हैं। प्रत्येक अंतरे के बाद मुखड़े को दोहराया जाता है। गीत को गाया जाता है।
An anthem consisting of voice, verse and rhythm is called a song.The song is a popular genre of Bhagya. It has a mouth and a few nerves. The mouth is repeated after each interval. The song is sung.

राधा पुकारे तोहे श्याम – केवरा यदु मीरा की भजन

जिसका प्रकार भक्तिकाल में मीरा अपने श्रीकृष्ण के भक्ति में रंग गई थी, वैसे ही आज राजिम की कवयित्री केवरा यदु मीरा अपने श्याम के रंग में रंगकर अपना भजन लिखी जा…

मैं गलतियों पे गलती करता हूं -मनीभाई नवरत्न

मैं गलतियों पे गलती करता हूं । फिर चुपके से , छुपके आहें भरता हूंँ। ये क्या हो जाता मुझे? समझ में ना आता मुझे? ना जाने मैं क्यों ? ऐसा करता हूँ। पहले अनजान…

सुन कान्हा मेरी याद तुमको आती तो होगी- केवरा यदु मीरा के भजन

केवरा यदु मीरा के भजन सुन कान्हा मेरी याद तुमको आती तो होगी।ओ पूनम की रात तुम्हें रुलाती तो होगी ।सुन कान्हा-----तान छेड़ बंशी की तुम मुझे बुलाये थे।बाहों

छत्तीसगढ़ी गीत: मोर जनम भूमि के भुईयां,,,,,, (पदमा साहू)

गीत मोर जनमभूमि के भुंईयां मा माथ नवावंव गा। मोर छत्तीसगढ़ के भुंईयां मा माथ नवावंव गा।। जनम लेंव इही माटी मा ,,,,,2 इही मोर संसार आवय गा--…

हिन्दी कविता : हल्दीघाटी: एकलिंग दीवान…

इस रचना को🦢🦢🦢🦢🦢🦢🦢🦢🦢 ~~~~~~~~~~बाबूलालशर्मा *विज्ञ* 👁 *हल्दीघाटी:* 👁 *एकलिंग दीवान.....* . .🌹 *गीत* 🌹 . 👀👀 मन करता है गीत लिखूँ मैं, एक…

और दम्भ दह गये- बाबूलालशर्मा *विज्ञ*

और..दम्भ दह गये घाव ढाल बन रहे . स्वप्न साज बह गये। . पीत वर्ण पात हो . चूमते विरह गये।। काल के कपाल पर . बैठ गीत रच रहा . प्राण के अकाल कवि . सुकाल को पच…