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हाइकु

हाइकु अनुभूति के चरम क्षण की कविता है। बिंब समीपता हाइकु संरचना का मूल लक्षण है।
हाइकु कविता तीन पंक्तियों में लिखी जाती है। हिंदी हाइकु के लिए पहली पंक्ति में ५ अक्षर लिखी जाती है। दूसरी में ७ अक्षर और तीसरी पंक्ति में ५ अक्षर लिखी जाती है। इस प्रकार कुल १७ अक्षर की कविता है।

Haiku is the poem of the peak moment of feeling. Bimb proximity is a basic feature of Haiku structure.
The haiku poem is written in three lines. 5 characters are written in the first line for Hindi haiku. Six letters are written in the second and 5 letters in the third line. Thus, there is a total of 14 letters of poetry.

बिछोह: मनीभाई”नवरत्न”

बिछोह: मनीभाई"नवरत्न" रात भर मैं सावन की झड़ी में सुनता रहा टपटप की आवाज पानी की बूंदें। बस खयाल रहा अंतिम विदा पिया के बिछोह में गिरते अश्रु गीले…

शुभ विवाह

शुभ विवाह बेचैन वर प्रतीक्षारत वधु शुभ विवाह। हरिद्रालेप पीतांबर के संग शुभ विवाह। देवपूजन मंडप पे रसोई शुभ विवाह दूल्हे के सिर इतराता सेहरा शुभ…

हाइकु- द्वितीय शतक

हाइकु- द्वितीय शतक १.सत्ता का पेड़काग बनाए नीड़कोयल चूजे२.फाल्गुन संध्याबूँटे लिए बालिकाजमी चौपाल३.नदी का घाटस्नान भीड़ में वृद्धपोटली भय४.जल की…

हाइकु शतक

१.खेत में डेराहाथ में मोटी रोटीदूध की डोली२तेल बिनौरीसिर पर छबड़ीगीत गुंजन३होली के रंगचौपाल पर ताशचंग पे भंग४.नीम का पेड़वानर अठखेलीदंत…

चोंका -फूल व भौंरा

चोंका -फूल व भौंरा ★★★★★बसंत परफूल पे आया भौरा बुझाने प्यास।मधुर गुंजन सेभौरा रिझाताचूसता लाल दलपीकर रसभौंरे है मतलबीक्षुधा को मिटाबनते…

चोका- नारी

चोका- नारी हर युद्ध काजो कारण बनतालोभ, लालचकाम ,मोह स्त्री हेतुपतनोन्मुखइतिहास गवाहस्त्री के सम्मुखधाराशायी हो जाताबड़ा साम्राज्यशक्ति का…

चोका:- हरित ग्राम

हरित ग्राम… हरी दीवार पर पेड़ का चित्र। छाया कहीं भी नहीं दूर दूर तक। नयनाभिराम है महज भ्रम। आंखों में झोंक लिये धुल के कण। तात्कालिक लाभ ने…

मनीभाई के हाइकु अर्द्धशतक भाग 9

४०१/शम्मी के पेड़धनिष्ठा वसु व्रतमंगल स्वामी ४०२/मंडलाकारसौ तारे शतभिषाराहु की दशा। ४०३/ रोपित करेंपूर्व भाद्रपद मेंआम्र का वृक्ष। ४०४/मांस…

मनीभाई के हाइकु अर्द्धशतक भाग 7

३०१/आज के नेताहै जनप्रतिनिधिनहीं सेवक। ३०२/है तू आजादबचा नहीं बहानातू आगे बढ़। ३०३/.मित्र में खुदाकरे निस्वार्थ प्रेमरिश्ता है जुदा। ३०४/…