KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR
Browsing Category

हाइकु

हाइकु अनुभूति के चरम क्षण की कविता है। बिंब समीपता हाइकु संरचना का मूल लक्षण है।
हाइकु कविता तीन पंक्तियों में लिखी जाती है। हिंदी हाइकु के लिए पहली पंक्ति में ५ अक्षर लिखी जाती है। दूसरी में ७ अक्षर और तीसरी पंक्ति में ५ अक्षर लिखी जाती है। इस प्रकार कुल १७ अक्षर की कविता है।

Haiku is the poem of the peak moment of feeling. Bimb proximity is a basic feature of Haiku structure.
The haiku poem is written in three lines. 5 characters are written in the first line for Hindi haiku. Six letters are written in the second and 5 letters in the third line. Thus, there is a total of 14 letters of poetry.

हरित ग्राम

हरित ग्राम~ हरी दीवार पर पेड़ का चित्र। छाया कहीं भी नहीं दूर दूर तक। नयनाभिराम है महज भ्रम। खुद आंखों में झोकें धुल के कण। ✍मनीभाई"नवरत्न"

सीप

1. दर्द उत्पत्ति~ रेत मोती में ढले अद्भुत सीप। 2. बादल सीप~ तेज आंधी के साथ गिराये मोती। *✍मनीभाई"नवरत्न"*

परछाई

*परछाई* हर सफर~ बनके परछाई चलना सखि। *✍मनीभाई"नवरत्न"* शुभ विवाह~ मंडप परछाई हल्दी निखरा। *✍मनीभाई"नवरत्न"* भीषण गर्मी~ पीपल परछाई गंगा की…

रसभरी

1. मीठी गोलियां~ पेट को लाभ देती रसभरियां। 2. बेवफा नहीं~ रसभरी होठों से चूमे चिठ्ठियां। 3. मीठी व प्यारी~ रूह को मिठास दे ये रसभरी।

सेदोका

कहाँ सन्यासी? किस वन में स्थित उनकी तपोभूमि? बाना कौशेय जग ने धरा जब, अदृश्य हैं तब से। ?मनीभाई नवरत्न छत्तीसगढ़

सेदोका की सुगन्ध-पद्ममुख पंडा स्वार्थी (sedoka ki sungandh)

सेदोका की सुगन्ध प्रचण्ड गर्मीसहता गिरिराजपहन हिमताजरक्षक वहहै हमारे देश काहमको तो है नाज़वृक्षारोपणएक अभिवादनजो बना देता  वनपर्यावरण सुरक्षित रखनेखुश हो…

निर्मल नीर के हाइकु(Nirmal Nir ke Haiku)

हाइकु ******************नूतन वर्ष~चारों तरफ़ छायाहर्ष ही हर्षकाम न दूजा~सबसे पहले होगायों की पूजाहै अन्नकूट~कोई न रहे भूखाजाये न छूटभाई की दूज~पवित्र है ये…