Browsing Category

अन्य

आया फागुन झूम के

🌈आया फागुन झूम के🌈 🌿 मनभावन मौसम ले आया फागुन का त्यौहार प्रिये दबी हुई कुछ अरमानों की उत्सव का संसार लिये प्यार भरे ताक़रारों से बढ़ गयी शरारत अबकी बार खुलकर ऐसा रंग लगायें लगे कि पहली बार जिये. 🌿 ✒️कलम से राजेश पाण्डेय…

यादो का कारवाँ

मुक्तक 🌿 उंगली पकड़ के यादों की चलता हूँ दिन रात प्रिये खट्टी मीठी यादों की है भोली हर जज़्बात प्रिये हूँ एकाकी यहाँ नहीं मैं जीवन के अहबाब यही कहूँ ना कहूँ उलझन में पर मधुरम् है हालात प्रिये. 🌿 ✒️कलम सेI राजेश…

सदमा

*सदमा* दो महीने हो गये। शांति देवी की हालत में कुछ भी सुधार ना हुआ। पुरुषोत्तम बाबू को उनके मित्रों और रिश्तेदारों ने सुझाव दिया कि एक बार अपनी पत्नी को मनोचिकित्सक से दिखवा लें। पुरुषोत्तम बाबू को सुझाव सही लगा।…

समर्पण विषय पर बाबूलाल शर्मा बौहरा द्वारा रचित दोहा छंद

*दोहा छंद* *समर्पण* . ....🦚... त्याग समर्पण कीजिए,मातृभूमि हित मान। देश बचे माँ भारती, भली शहादत शान।। . 🦚 करें समर्पण देशहित, निज के गर्व गुमान। देश आन अरु शान है, हो इसका सम्मान।। . 🦚 मानव हूँ मानव बनूँ, मानवता सद्ज्ञान! जीना मरना…

अधिकार-बाबूलाल शर्मा “बौहरा”

. *अधिकार* . *कुण्डलिया* . 👀👀 भारत के संविधान में,दिए मूल अधिकार। मानवता हक में रहे, लोकतंत्र सरकार। लोकतंत्र सरकार, लोक से निर्मित होती। भूलो मत कर्तव्य, कर्म ही सच्चे मोती। कहे लाल कविराय, अकर्मी पाते गारत। मिले खूब अधिकार,सुरक्षा अपने…

परिचय

परिचय नाम -- डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर" पिता -- श्री गणेश राम कुर्रे माता -- श्रीमती फुलेश्वरी कुर्रे शिक्षा -- बीएससी(बायो)एम .ए.हिंदी ,संस्कृत, समाजशास्त्र ,B.Ed ,कंप्यूटर पीजीडीसीए व्यवसाय -- शिक्षक जन्मतिथि -- 5 सितंबर 1984 प्रकाशित…

आधुनिक शिक्षा की बोझ ढोती है बचपन-DUJRAM SAHU

"  आधुनिक शिक्षा "                             सिसक-सिसक कर रोती है बचपन !  आधुनिक शिक्षा की बोझ ढोती है बचपन!!         पढ़ाई की इस अंधाधुंध दौर में ,बचपन ना खिलखिलाता अब भोर में सुबह से लेकर शाम तक,  पढ़ते-पढ़ते जाते हैं थक ,  खिलने से…

टूटते सपनों की कसक( Vijiya Gupta samidha)

हर किसी की जिंदगी में होती है,कुछ टूटते सपनों की कसक।सब अरमान सभी के,कभी पूरे नहीं होते।नन्ही किलकारी की आवाज से पहले,माँ बुनने लगती है,रंग बिरंगे धागों से,अरमान भरे मोजे।लेकिन कभी-कभी,अधूरे रह जाते हैं,उन रंगों में बसे सपने।बची रह…

नारी पर आधारित मनहरण घनाक्षरी (Dr NK Sethi)

नारी जगत का सार     नारी सृष्टि काआधार         जननी वो कहलाती              मान उसे दीजिये।।             💐💐💐नारी ईश्वर का रूप     उसकी शक्ति अनूप         देती है सबको प्यार              उसे खुश कीजिये।।               💐💐💐नारी हृदय विशाल…

भव्य आकर्षक ताजमहल -शशिकला कठोलिया (Bhavya aakarshak Tajmahal)

मौत भी मिटा नहीं सकी ,मन में रहे यादें हर पल ,भारत के आगरा में बना ,भव्य आकर्षक ताजमहल ।फैली है इसकी खूबसूरती ,देख सकते जहां तक ,सात आश्चर्य में से एक ,सुंदरता इसकी है आकर्षक,                           विस्तृत क्षेत्र में फैला ,भारत…