KAVITA BAHAR
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कविता

कविता’ साहित्य की वह विधा है जिसमें किसी मनोभाव को कलात्मक रूप से किसी भाषा के द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है। काव्य वह वाक्य रचना है जिससे चित्त किसी रस या मनोवेग से पूर्ण हो। अर्थात् वह जिसमें चुने हुए शब्दों के द्वारा कल्पना और मनोवेगों का प्रभाव डाला जाता है.

Kavita ‘is the genre of literature in which a sentiment is artistically expressed by a language. Poetry is the syntax that makes the mind complete with emotions. That is, in which imagination and emotions are effected by the chosen words.

अंतकाल-मनीभाई नवरत्न

मुझे शिकवा नहीं रहेगी गर तू मुझे छोड़ दे, मेरे अंतकाल में। मुझे खुशी तो जरूर होगी कि हर लम्हा साथ दे , तू मेरे हर हाल में। हां !मैं जन्मदाता हूँ। तेरा…

नज़्म – मुझे समझा रही थी वो

बहुत मासूम लहजे में, बड़े नाज़ुक तरीके से मेरे गालों पे रखके हाथ समझाया था उसने ये सुनो इक बात मानोगे, अगर मुझसे है तुमको प्यार, तो इक एहसान कर देना जो मुश्किल…

मैं कौन हूं?कविता(श्रीमती पदमा साहू)

मैं कौन हूं मैं कौन हूं, कहाँ से आयी? किस कारण जन्म हुआ मेरा विचारती हूं। ईश्वर के हाथों बंधी कठपुतली मैं, सृजनकार की अमूल्य कृति हूं। जिसने मुझे जन्म दिया जग…