KAVITA BAHAR
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मुक्तक

मुक्तक वह काव्य है जिसमें प्रबन्धकीयता न हो। इसमें एक छन्द में कथित बात का दूसरे छन्द में कही गयी बात से कोई सम्बन्ध नहीं है. प्रत्येक छंद अपने आप में पूर्णत: स्वतंत्र और सम्पूर्ण अर्थ देने वाला होता है.

Muktak is a type of poetry. In this, the said matter in one verse does not have any relation on other verse. Muktak is a genre of poetry in which the story has no prior connection. Each stanza in itself is completely independent and gives full meaning.