KAVITA BAHAR
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कुण्डलियाँ

कुंडलियाँ दोहा और रोला के संयोग से बना छंद है। इस छंद के ६ चरण होते हैं तथा प्रत्येक चरण में २४ मात्राएँ होती है। कुंडलियाँ छंद में दूसरे चरण का उत्तरार्ध तीसरे चरण का पूर्वार्ध होता है।

Kundaliyas are verses composed of a combination of Doha and Rolla. This stanza has 4 stages and each phase has 24 volumes. In the Kundaliya verse, the second half of the second phase is the first half of the third phase.

माँ सिद्धिदात्री

माँ सिद्धिदात्री(कुंडलियाँ) ??????????? माता दुःखनिवारिणी ,सभी सुखों की धाम। सिद्धिदात्री रूप नवम,छविअम्बाअभिराम।। छवि अम्बा अभिराम, करो मात आराधना।…

महागौरी

महागौरी(कुंडलियाँ) ?????????? महागौरी शुभंकरा , देवी अष्टम रूप। सौम्य कांत स्वरूप है , माँ कीशक्तिअनूप।। माँ की शक्ति अनूप , हे मात विघ्नहारिणी।…

दीया बन प्रकाश करे

Madan Singh: होडा होड म मर रिया,म्हारा भाई लोग। समझाया माने नही,फैला अणुतो रोग। फैला अणुतो रोग,होड म गोडा कुटीजे। किणकी करले होड,लैणो ले भात भरिजे। कवै…

कालरात्रि

कालरात्रि(कुंडलियाँ) ?????????? मात भवानी सिद्धिदा , दूर करे त्रय ताप। कालरात्रि माँ पुण्यदा , हरे सभी के पाप।। हरे सभी के पाप , माँ भव सागर तारिणी।…

नवरात्र

विषय-माता के नवराते विधा-कुंडलियाँ ?????????? माँ शक्ति की उपासना , होते है नवरात। मात भवानी-भक्ति में , करते हैं जगरात।। करते हैं जगरात , कृपा कर…
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