KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

दिल मेरा क्यों परेशान है ?- मनीभाई नवरत्न

दिल मेरा क्यों परेशान है ?

कोई नहीं मेरा यहाँ….2

सुना सुना जहान है…..

दिल मेरा क्यों परेशान है ?

1.

जो थे सपने …वो थे अपने ….

आज वो भी बिखर गया है….

अब जीने की…वजह नहीं……

ख्वाहिशें मेरी, मर गया है……

सांसे मेरी उलझी हुई ….2

जीना मेरा मौत समान है…..

कोई नहीं मेरा यहाँ….

सुना सुना जहान है…..

दिल मेरा क्यों परेशान है ?

2.

कल थे हमारे…. चांद सितारे

आज कहीं वो खो गया है।

बोलूं मैं किससे, राज खोलूँ कैसे

मुझे छोड़ जग, सो गया है।

चाल मेरी बहकी हुई

बुझी बुझी अब ये मुस्कान है….

कोई नहीं मेरा यहाँ….

सुना सुना जहान है…..

दिल मेरा क्यों परेशान है ?

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