KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

गांधी छाप

0 120

कविता -गांधी छाप

आज गांधी का सिद्धांत नहीं गांधी छाप चलता है।
सत्य को जंक लग गया, हर तरफ पाप चलता है।।
हिंसा भरे बाजार हो रहा अस्तेय चुपचाप चलता है
आज गांधी का सिद्धांत नहीं गांधी छाप चलता है ।।
साधन को साध्य समझ स्वामी कहते हैं।
समझाने से पागल और बवाली कहते हैं ।।
अच्छाई का नाम नहीं बुराई का वार्तालाप चलता है।
आजकल गांधी का सिद्धांत नहीं गांधी छाप चलता है।।


मानक छत्तीसगढ़िया

Leave a comment