गाँधी जी

*गाँधी जी*
साबरमती के संत तुझे, लाख बार प्रणाम है
अहिंसा के पुजारी तुझे,लाख बार प्रणाम है
स्वतन्त्रा की राह हो या, सत्यता की राह हो
हर राह में तेरे अटल, विचारों को प्रणाम है।
शांती के ध्वजा वाहक, राष्ट्रपिता हो देश के
स्वदेशी वस्तुओ की जिद को, कोटिश प्रणाम है।
साबरमती के संत तुझे,लाख बार प्रणाम है।
अहिंसा के पुजारी तुझे, लाख बार प्रणाम है।
भारत छोडो आन्दोलन या नमक सत्याग्रह हो
देशहित के तुम्हारे, जज्बे को प्रणाम है।
ना देखूँगा ना बोलूंगा, ना बुरा सुनूगा कभी
आपके इन उत्तम, विचारो को प्रणाम है।
साबरमती के संत तुझे,लाख बार प्रणाम है।
अहिंसा के पुजारी तुझे, लाख बार प्रणाम है।
छुआछुत छोडकर सबको गले लगाया
आपके विराट व्यक्तित्व को प्रणाम है।
सारी सुख सुविधा छोडी,धोती को पोशाक बनाया
आपकी इस सादगी को “सेठ” का प्रणाम है।
साबरमती के संत तुझे,लाख बार प्रणाम है।
अहिंसा के पुजारी तुझे, लाख बार प्रणाम है।
राहुल सेठ”राही”
राजस्थान
मोबाइल नम्बर:- 9950884851
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