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बाबू लाल शर्मा बौहरा द्वारा रचित धनुष पिरामिड में गणेश वंदन (Ganesh Chaturthi Visheshank)

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गणेश वंदन

 
हे 
गौरी
नंदन
गणराज
विघ्न मिटाओ
हृदय  विराजो
सभी सुधारो काज
सुख कर्ता हैं आप
ज्ञान के दाता हैं
शिव तनय
गणपति
पार्वती
माता 
है
हे
देव
गणेश
लम्बोदर
शंकर सुत
मिटा मम क्लेश
विशाल गज वेष
तुम  प्रथम पूज्य 
वंदन  तुम्हारा
मोदक पाओ
आशीर्वाद
अशेष
देना
है
हे
प्रिय
गणेश
गजानन
विनायकम्
बल बुद्धि दाता
प्रथम पूज्य तुम
धूम्रवर्णी देव
हे एकदंत
प्रिय मम
नंदन
गौरी
के
वे
देव
समस्त
प्रथमतः
तुम्हे पूजते
हर शुभ कार्य
आया ही करो प्रभु
भक्त की लाज रखो
न आए विघ्न भी
हे  विघ्नहर्ता
सर्वदाता
संकट 
हर 
ले
मै
तुम्हे
मनाऊँ
वकृतुण्ड
शिव दुलारे
कृपा ही रखना
पार्वती पुत्र प्यारे
सर्व आराध्य हमारे
मूषक सवार
मोदक प्रिय
गणराज
दुलारे
आओ
तो
 
 
बाबू लाल शर्मा “बौहरा”
 
 
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