KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

कविता बहार बाल मंच ज्वाइन करें @ WhatsApp

@ Telegram @ WhatsApp @ Facebook @ Twitter @ Youtube

गीता एक जीवन धर्म

0 90

गीता महज ग्रंथ नहीं, है यह जीवन धर्म ।
अमल कर उपदेश को,जान ले ज्ञान मर्म।
गीता से मिलती , जीने का नजरिया।
सुखमय बनाती जो अपनी दिनचर्या।
ज्ञान झलके व्यवहार में।
सहारा बने मझधार में ।
कहती गीता, फल मिलेगी , कर लो निस्वार्थ कर्म।
गीता महज ग्रंथ नहीं…….

मनीभाई नवरत्न

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.