गुरु ज्ञान का सागर -रुपेश कुमार

गुरु ज्ञान का सागर

जीवन की सबसे पहले गुरु ,
माता पिता होते है ,
जीवन में गुरु का नाम ,
सबसे ऊंचा होता है ,
गुरु जीवन में मेरे ,
साइकिल के पहिए जैसा होते है ,
गुरु ज्ञान का सागर ,
गुरु महासागर होते है !

गुरु बिन ज्ञान हमें नहीं ,
कभी नहीं है मिलता ,
गुरु बिन जीवन की कल्पना ,
कभी नहीं होती है ,
गुरु जीवन में हमें ,
सभी रास्ते दिखाते है ,
गुरु ज्ञान का सागर ,
गुरु महासागर होते है !

अच्छे गुरु हमें प्यार करते है ,
फिर मेरे जीवन के लक्ष्यों के ,
नजदीक लेकर पहुंचाते है ,
गुरु का ज्ञान का दक्षिणा देकर हमें ,
जीवन भर कर्जदार बनाते है ,
हम गुरु का कर्ज को ,कभी ना भूल पाते है ,
उनका ज्ञान जैसे कर्ज से ,
हम उनका मान सम्मान बढ़ाते है ,

गुरु ज्ञान का सागर ,
गुरु महासागर होते है !

~ रूपेश कुमार
चैनपुर, सीवान, बिहार

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