हाइकु- द्वितीय शतक

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हाइकु- द्वितीय शतक


१.
सत्ता का पेड़
काग बनाए नीड़
कोयल चूजे
२.
फाल्गुन संध्या
बूँटे लिए बालिका
जमी चौपाल
३.
नदी का घाट
स्नान भीड़ में वृद्ध
पोटली भय
४.
जल की प्याऊ
सिर पर पोटली
प्यासी बुढ़िया
५.
विवाहोत्सव
चौपाल में मध्यस्थ
सिर पे बागा
६.
नीम की छाँव
बुढ़िया चारपाई
पड़े बताशे

शहरी पथ
नग्न है फुटपाथ
वस्त्रों में श्वान
८.
चाँदनी रात
बाराती की आतिश
छान में आग
९.
छान का घर
रखे बया ने अण्डे
गिलहरियाँ
१०.
अभयारण्य
छटपटाए मृग
बाघ की मूर्ति
११.
बसंत मेघ
ढोल बजाए ओला
टीन छप्पर
१२.
गृह वाटिका
पेड़ के बँधी डोरी
सूनी कलाई
१३.
कार्तिक भोर
धेनु,वत्स को दाना
झाँकती बाला
१४.
गोप अष्टमी
सड़क पर गाय
हाथ में थाल
१५.
रक्षाबंधन
कुश लिए देहाती
जल अंजुलि
१६
खजूर पेड़
झाड़न के तिनके
बया का जोड़ा
१७.
फाग पूनम
झुलसे बाला हाथ
जौ की बालियाँ
१८.
गोधूलि वेला
धागे में फँसा शुक
उड़ान पथ
१९.
फाल्गुनी संध्या
हरे चने लिए बच्चे
किसान हँसा
२०.
कच्ची सड़क
ठंठा नीर पिलाए
भूखी बुढ़िया
२१.
खेल मैदान
टिटहरी के अण्डे
दौड़ी छात्राएँ
२२.
गेहूँ का खेत
कपोत चुग्गा स्थल
नन्ही बालिका
२३.
सोनार गढ़
रेतीले राजपथ
आँक के पौधे
२४.
पहाड़ी बस्ती
पेड़ से गिरा ग्वाला
भेड़ की ऊन
२५.
नदी किनारे
घरौंदे में सीपियाँ
लाश पे काग
२६.
अमलताश
मधुमक्खी का छत्ता
कपि मंथन
२७.
खेत सिंचाई
सूखी घास झाड़ियाँ
दियासलाई
२८.
ग्रीष्म की साँझ
आग लगे घर में
नाचती बाला
२९.
प्रथम वर्षा
किसान की धरती
खून के छींटे
३०.
भादौ की वर्षा~
केले का पत्ता बजा
नाचे बालक
३१.
चौके में माता
तेल मसाला गंध
पथ में छींक
३२.
नीम में नीड़
टहनी पर चढ़ी
गलबहियाँ
३३.
वन विहार
भड़की दावानल
युवा मंडली
३४.
बुद्ध पूर्णिमा
वर वधु संदेह
स्वेद से भीगे
३५
कमल ताल
आलिंगित भ्रमर
युवा रोमांच
३७.
सावन तीज
झूले पर किशोरी
उड़े चुनरी
३८.
बसंत भोर
बजा ढोल का डंका
टीन छप्पर
३९.
बैसाख संध्या
अन्न ढेरी को ढंकी
भीगा कृषक
४०.
प्रथम वर्षा
मेड़ करे किसान
हँसी बालिका
४१.
बुद्ध पूर्णिमा
विवाह के मंडप
पुलिस दल
४२.
ज्येष्ठ दशमी
फेरों संग दम्पत्ति
स्वेद में स्वप्न
४३.
वर्षा का जल
भीगे बालिका पैर
पथ कंटक
४४.
आम्र मंजरी
फल कुतरे शुक
बाज का पंजा
४५.
फाल्गुन मेघ
ढोल ताशे नगाड़ा
पीपल पात
४६.
हवामहल
जालीदार भवन
कपि युगल
४७.
गृह वाटिका
पेड़ के राखी बाँधी
हँसी बालिका
४८.
गोप अष्टमी
झांके ग्वाल का घर
गाय बछड़ा
४९.
गोप अष्टमी
बछड़े के तिलक
प्लास्टिक थैली
५०.
आम बागान
वर्षा में भीगे वानर
बया का नीड़
५१.
ताजमहल
वृद्धा बेचे तस्वीर
अशोक वृक्ष
५२.
बच्छ द्वादशी
कार की दुर्घटना
तड़पे गाय
५३.
सावन तीज
झूले पर किशोरी
गोद मे स्वप्न
५४.
प्रेम दिवस
छात्र-छात्रा के शव
हवाई किला
५५
*बँधा युवक*
*सजी ग्राम्य चौपाल*
*नँगाड़ा गूँज*
५६.
बैसाख साँझ
कैरी जीरा चटनी
ताजी रोटियाँ
५७.
नीम की डाल
बल खाए कोबरा
चील का पंजा
५८.
तिमनगढ़
सैलानी पे झपटा
चमगादड़
५९.
फाग पूर्णिमा
मेंहदी रचे हाथ
बलूकड़ियाँ
६०.
चैत्र की भोर
हरियल प्रवासी
पीपल फल
६१.
होली दहन
रक्त से सने हाथ
जौं की बालियाँ
६२.
बंजर भूमि
ट्रैक्टर पर श्वान
टिटहरियाँ
६३.
विद्युत पोल
वानर का मचान
झूले पतंग
६४.
भोर का तारा
घुटने मध्य बाल्टी
मुर्गे की बाँग
६५.
कमल ताल
आलिंगित भ्रमर
खीर मखाना
६६.
गोचर भूमि
टिटहरी के अण्डे
ग्वाल मवेशी
६७.
रामनवमी
भीगा धरतीपुत्र
गेंहूँ फसल
६८.
फाग के मेघ
बिखरे पंछी शव
बर्फ की पर्त
६९.
फाग फुहार
पसरी है फसल
लोमड़ी पंख
७०.
भादौ का ताप
चूहा दाबे नागिन
मयूर भोज
७१.
तालछापर
घर में रखी रोटी
काला हरिण
७२.
चमगादड़
माँ की आँखो से नीर
लौटा प्रवासी
७३.
माघ पूर्णिमा
वेणेश्वर का मेला
अस्थि थैलियाँ
७४.
बेटी दिवस
झाड़ियों में बालिका
स्वान उत्सव
७५.
माँ की ममता
नीम पर मर्कटी
गोद में पिल्ला
७६.
पद्मला ताल
बाघिन का शिकार
झूला मकर
७७.
जोगी महल
वन्य जड़ी बूटियाँ
बाघ का नख
७८.
गोरस धार
घुटनो मध्य बाल्टी
हाथ में थन
७९.
चूरमा बाटी
ऊपलों का जगरा
आटे की पिण्डी
८०.
चाँदनी रात
पीठ पर बकरी
चोर जरख
८१.
चैत्र मध्यान्ह
नीम डाल पे तोते
विरहा आह
८२.
देवशयनी
मंडप संग पंगत
थाली में भेक
(भेक=मेढ़क)
८३.
अक्षय तीज
विवाह का मंडप
हथकड़ियाँ
८४.
सावन वर्षा
बया नीड़ का टोपा
खेत हरषा
८५.
मिट्टी का चूल्हा~
माँ के हाथ में रोटी
मक्खन बड़ा
८६.
पुष्कर मेला
बाजरे की रोटियाँ
नाचे प्रवासी
८७.
दादुर ध्वनि
छप्पर पर वृद्ध
हाथ में पानी
८८.
अमा की रात
उजड़ा बया नीड़
मिट्टी चमकी
८९.
भादौ के मेघ
चींटियाँ ढोये अण्डे
तीतर मैना
९०.
बैसाख भोर
पत्तों पर अंजीर
बाल जीमण
९१
ज्येष्ठ की ताप
घट मतीरा क्यारी
सत्तू शक्कर
९२.
चंद्र ग्रहण
कटी चाँदी की थाली
गेरुआ छींटे
९३.
आसोज साँझ
टिड्डे लपके स्वान
प्रकाश पथ
९४.
फाग में ओले
बिखरे पंख रंग
पथ पे रूई
९५.
शीत लहर
वृद्धा के हाथ काँपे
तीली माचिस
९६.
प्रेम दिवस
वृद्धाश्रम के द्वार
माँ बाप साथ
९७.
रास पूर्णिमा
खीर से भरा दोना
खाँसे बुजुर्ग
९८.
कार्तिक साँझ
चौक लीपे बालिका
पीठ पे शिशु
९९.
कसैलापन
माँ के हाथ में शीशी
शिशु की चीख
१००.
ठूँठ झंखाड़
चिड़िया का घोंसला
बिखरेअण्डे
. °°°°°°°°
✍©
बाबू लाल शर्मा ,बौहरा *विज्ञ*
वरिष्ठ अध्यापक
सिकंदरा,दौसा, राजस्थान

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