कविता’ साहित्य की वह विधा है जिसमें किसी मनोभाव को कलात्मक रूप से किसी भाषा के द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है। काव्य वह वाक्य रचना है जिससे चित्त किसी रस या मनोवेग से पूर्ण हो। अर्थात् वह जिसमें चुने हुए शब्दों के द्वारा कल्पना और मनोवेगों का प्रभाव डाला जाता है.

Kavita ‘is the genre of literature in which a sentiment is artistically expressed by a language. Poetry is the syntax that makes the mind complete with emotions. That is, in which imagination and emotions are effected by the chosen words.

पितृपक्ष पर कविता – सुकमोती चौहान रुचि

पितृपक्ष पर कविता - सुकमोती चौहान रुचि आया जब पितृपक्ष, बनाते हलवा पूरी |बड़ा फरा के भोग, बिजौरी भूरी -भूरी ||उत्सव का माहौल, दशम दिन तक रहता है |पितर पक्ष…

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नारी के अधिकार पर कविता – बाबूराम सिंह

नारी के अधिकार पर कविता - बाबूराम सिंह नारी के अधिकार पर कविता - बाबूराम सिंह नारी है नारायणी जननी जगत जीव की ,सबहीं की गुरु सारी सृष्टि की श्रृंगार…

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अनमोल मानव जीवन पर कविता

अनमोल मानव जीवन पर कविता पकड़ प्यार सत्य धर्म की डोर ,बढ़ सर्वदा प्रकाश की ओर।मधुर वचन सबहिं से बोल,मानव जीवन है अनमोल।औरों से सद्गुण सम्भाल,निजका अवगुण दोष निकाल।सत्य वचन…

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हिंदी छा जाए दुनिया में – उपमेंद्र सक्सेना

हिंदी छा जाए दुनिया में गीत-उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट जिससे हैं हम जुड़े जन्म से, वही हमारी प्यारी भाषा,हिंदी छा जाए दुनिया में, पूरी हो अपनी अभिलाषा।अपनी भाषा के हित में…

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संवाद पर कविता – सुकमोती चौहान रुचि

संवादतुमसे कर संवाद, सुकूं मन को मिलता है |मधुर लगे हर भाष्य, सुमन मन में खिलता है |कर्णप्रिय हर बात, प्रेरणा देती हरदम | करके जिसको याद, दूर हो जाती…

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माँ का मन शुचि गंगाजल है –  बाबूराम सिंह

कविता  माँ का मन शुचि गंगाजल है--------------------------------------     सकल जगत की धोती मल है।माँ का मन सुचि  गंगाजल  है।।हित - मित   संसार  में   स्वार्थ,भ्राता,पत्नि  के प्यार में स्वार्थ।बेटा - बेटी …

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माता है अनमोल रतन – बाबूराम सिंह

माता है अनमोल रतन स्वांस-स्वांस में माँहै समाई,सदगुरुओं की माँ गुरूताई।श्रध्दा भाव से करो जतन,माता है अनमोल रतन।।अमृत है माता की वानी, माँ आशीश है सोना -चानी।माँ से बडा़ ना…

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इस वसुधा पर इन्सान वहीं – बाबूराम सिंह

कविता इस वसुधा पर इन्सान वहीं ----------------------------------------धन,वैभव,पदविद्या आदिका जिसको हैअभियाननहीं। सत्य अनुपम शरणागत इस वसुधा पर इन्सान वहीं। सत्य धर्म फैलाने आला, विषय पीकर मुस्काने वाला, अबला अनाथ उठाने वाला,…

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राष्ट्र भाषा हिन्दी – बाबूराम सिंह

14 सितम्बर-2022 हिन्दी दिवस पर विशेष राष्ट्र भाषा हिन्दी - बाबूराम सिंह सर्वश्रेष्ठ सर्वोपरि सुखद सलोना शुभ,सरल सरस शुचितम सुख कारी है।भव्य भाव भूषित भारत भरम भरोस,निज अंक भरे जन-जन…

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राम को खेलावत कौशिल्या रानी – बाबूराम सिंह

श्रीराम जन्म """"""""""""""""""""""""""""राम को खेलावत कौशिल्या रानी"""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""चैत शुक्ल नवमी को पावन अयोध्या में ,मध्य दिवस प्रगटाये रामचनद्र ज्ञानी।सुन्दर सुकोमल दशरथ नृपति -सुत ,भव्यसुख शान्ति सत्य सिन्धुछवि खानी।जिनके दर्शन हेतु तरसता…

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