कविता’ साहित्य की वह विधा है जिसमें किसी मनोभाव को कलात्मक रूप से किसी भाषा के द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है। काव्य वह वाक्य रचना है जिससे चित्त किसी रस या मनोवेग से पूर्ण हो। अर्थात् वह जिसमें चुने हुए शब्दों के द्वारा कल्पना और मनोवेगों का प्रभाव डाला जाता है.

Kavita ‘is the genre of literature in which a sentiment is artistically expressed by a language. Poetry is the syntax that makes the mind complete with emotions. That is, in which imagination and emotions are effected by the chosen words.

हिन्दी पर कविता – बाबूलाल शर्मा

बाबूलालशर्मा,विज्ञ. मनहरण घनाक्षरी. *हिन्दी*. ---+---'विज्ञ' छन्द नवगीत,हिंदी देश प्रेम प्रीत,जैन बौद्ध हिंदु रीत,👌देश क्षेत्र छानिए।सूर से कबीर सन्त,जायसी से मीरा पंत,हिंदी पुष्प कवि वृंत,👌भाव पहचानिए।सम्पदाई व्याकरण,संस्कारित आचरण,छन्द गीत आभरण,👌भव्यभाव जानिए।भारती…

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लेखनी तू आबाद रहे – बाबूराम सिंह

कविता लेखनी तू आबाद रह ------------------------------- जन-मानस ज्योतित कर सर्वदा, हरि भक्ति प्रसाद रह। लेखनी तूआबाद रह। पर पीडा़ को टार सदा, शुभ सदगुण सम्हार सदा। ज्ञानालोक लिए उर अन्दर,…

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क्यों करता हूँ कागज काले – डी कुमार–अजस्र

*स्वरचित रचना**क्यों करता हूँ कागज काले..??*क्यों करता हूं कागज काले ...??बैठा एक दिन सोच कर यूं ही ,शब्दों को बस पकड़े और उछाले ।आसमान यह कितना विस्तृत ..?क्या इस पर…

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चलो,चले मिलके चले – रीतु प्रज्ञा

विषय-चलों,चले मिलके चलेविधा-अतुकांत कविता*चलो,चले मिलके चले*ताली एक हाथ सेनहीं बजती कभीचलने के लिए भीहोती दोनों पैरों की जरूरतफिर तन्हा रौब से न चले,चलो,चले मिलके चले।शक्ति है साथ मेंनहीं विखंड कर…

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नशा नर्क का द्वार है – बाबूराम सिंह

कविता नशा नर्क का द्वार है """""""""""""""""""""""""""""""""मानव आहार के विरूध्द मांसाहार सुरा,बिडी़ ,सिगरेट, सुर्ती नशा सब बेकार है।नहीं प्राणवान है महान मानव योनि में वो,जिसको लोभ ,काम,कृपणता से प्यार है।अवगुण…

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राष्ट्र भाषा हिन्दी पर कविता -बाबूराम सिंह

हिन्दी दिवसकीअग्रिम शुभकामनाएं  व हार्दिक बधाई                                              राष्ट्र भाषा हिन्दी                 -------------------------             भारत  की  भाषा  हिन्दी ,सबसे सुन्दर जान।यही दिलासकती हमें,यश गुण मान सम्मान।।सभ्यता संस्कृति सुखद,सुधर्म शुचि परिवेश।हिन्दी  से …

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जय जय हनुमान – बाबूराम सिंह

कविता जय जय हनुमान ---------------------------जय भक्त शिरोमणि शरणागत जय हो कृपानिधान।जयबजरंगी रामदूत जय पवनपुत्र जय जय हनुमान।।जय आनंद कंदन केशरी नंदन जग वंदन शुभकारी।जय मद खलगंजन असुरनिकंदन भवभंजन भयहारी।जय जयजनपालक…

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साक्षरता अभियान – बाबूराम सिंह

विश्व साक्षरता दिवस की हार्दिक मंगल शुभ कामनायें सार छंद मात्रा-16- 12 साक्षरता अभियान -----------------------------साक्षरता अभियान चलायें,घर-घर अलख जगायें। जन-जन साक्षर भव्य बनायें,ज्ञान ज्योति फैलायें।बिना विद्या नर बैल समाना ,कहता…

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गणपति बाबा

गणपति बाबा आरती सजा के आयेँव हँव द्वार तोर। हे गणपति बाबा सुन ले विनती मोर। तोर आशीष से भाग चमक जाही। निर्धन हर घलो रहिस बन पाही।तोर दया से…

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HINDI KAVITA || हिंदी कविता
HINDI KAVITA || हिंदी कविता

शबा राव की कवितायेँ

शबा राव की कवितायेँ आज की बात मैं घर से निकली पढ़ाई के लिए,बस अड्डे पर बस का इंतजार करते रहे,कुछ देर बाद बस आ गई,मैं और बाकी के लोग…

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