हिंदी से ही भारत की शुभ पहचान है

हिंदी से ही भारत की शुभ पहचान है

★★★★★★★★
जिसे बोल मान बढ़े,
हिंदी से ही शान बढ़े ।
हिंदी से ही भारत की,
शुभ पहचान है।
★★★★★★★★
प्रजातंत्र की है धूरी ,
जिसे बोले हिंद पूरी।
अनेकता में भी एक ,
देश ये समान है ।
★★★★★★★★★
हिंदी प्रीत की है डोरी,
जैसे लगे माँ की लोरी।
हिंदी से ही बने सब,
विधि का विधान है ।
★★★★★★★★★
जानता है पूरा देश ,
हिंदी से ही परिवेश ।
पावन बना है सभी ,
भारत महान है।
★★★★★★★★
रचनाकार डिजेन्द्र कुर्रे “कोहिनूर”
पीपरभवना,बलौदाबाजार (छ.ग.)

(Visited 12 times, 1 visits today)

डिजेन्द्र कुर्रे कोहिनूर

नाम -- डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर" पिता -- श्री गणेश राम कुर्रे माता -- श्रीमती फुलेश्वरी कुर्रे शिक्षा -- बीएससी(बायो)एम .ए.हिंदी ,संस्कृत, समाजशास्त्र ,B.Ed ,कंप्यूटर पीजीडीसीए व्यवसाय -- शिक्षक जन्मतिथि -- 5 सितंबर 1984 प्रकाशित रचनाएं -- बापू कल आज और कल(साझा संग्रह),चाँद के पार साइंस वाणी पत्रिका, छ ग जनादेश अखबार, छ ग शब्द आदि कई पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित। सम्मान -- 1. राष्ट्रीय कवि चौपाल कोटा राजस्थान प्रथम द्वितीय तृतीय 2019। 2. श्रेष्ठ सृजन रचनाकार का सम्मान। 3. बिलासा साहित्य सम्मान । 4. कला कौशल साहित्य सम्मान। 5. विचार सृजन सम्मान 2019। 6. अंबेडकर शिक्षा क्रांति अवार्ड। 7. छत्तीसगढ़ गौरव अलंकरण अवार्ड 2019 8. मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण अवार्ड 2019 पता -- ग्राम पीपरभावना, पोस्ट- धनगांव,तहसील-बिलाईगढ़, जिला- बलौदाबाजार ,छत्तीसगढ़ पिन - 493559 मोबाइल नंबर - 8120587822