KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

कविता बहार बाल मंच ज्वाइन करें @ WhatsApp

@ Telegram @ WhatsApp @ Facebook @ Twitter @ Youtube

होली-अशोक दीप

0 326

हो होली-अशोक दीप

फाल्गुन पूर्णिमा होलिका दहन Falgun Purnima Holika Dahan
फाल्गुन पूर्णिमा होलिका दहन Falgun Purnima Holika Dahan

होली छटा निहारिए, बरस रहा मधु रंग ।
मंदिर-मस्जिद प्रेम से, खेल रहे मिल संग ।।
खेल रहे मिल संग, धर्म की भींत ढही है ।
अंतस्तल में आज, प्रीत की गंग बही है ।।
कहे दीप मतिमंद, रहे यह शुभ रंगोली ।
लाती जन मन पास, अरे मनभावन होली ।।

-अशोक दीप

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.