हिंदी गीत : गुलाल की बौछार है…होली का त्यौहार

गुलाल की बौछार है…होली का त्यौहार।
बंसत का श्रृंगार है…..होली का त्यौहार।
रिश्तों में हैं मिठास,और प्यार की फुहार।
अच्छाई की जीत और बुराई की है हार ।
पिचकारी की धार …
और रंगों का खुमार….
होली का त्यौहार है…येे होली का त्यौहार।
अंग अंग भीगे……हां रंग रंग जाये।
संग संग नाचे….चल संग संग गाये।
दुश्मनी भूलें और दोस्ती निभाये….
खुशियाँ मनायें चलो गम को भुलायें।
बेरंग ना रहे कोई भी तन…
रंग सजायें बनके चित्रकार….
होली का त्यौहार है…येे होली का त्यौहार।
होली का त्यौहार में होलिका का संहार।

होली का त्यौहार में जीते प्रहलाद कुमार ।

छाया रंगों का शुमार, भीग गया है संसार।

प्रेम की है फुहार , बसंती रंग का चढा खुमार ।।
ढोल-मांदल बाजे आज हरद्वार।
खुशियां देने आई ये होली का त्यौहार ।।

  • Lyricist : Manibhai Navratna
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    मनीभाई नवरत्न

    छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़

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